जयपुर Abhayindia.com राजस्थान में तबादलों पर प्रतिबंध हटे एक पखवाड़े से ज्यादा का समय व्यतीत होने के बावजूद तबादला सूचियां अब भी अटकी हुई है। इधर, मंत्रियों और विधायकों के घरों पर तबादला चाहने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों की भीड़ जुट रही है। आपको बता दें कि सरकार ने पहले 19 जून से 5 जुलाई तक तबादलों की अनुमति दी गई थी, लेकिन कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों की मांग पर अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 जुलाई 2026 कर दी गई।
बताया जा रहा है कि इस बार बम्पर तबादले होने की संभावना बहुत ही कम है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि केवल उन्हीं अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले प्रस्तावित किए जाएं, जिन्होंने स्वयं डिजायर (इच्छा) दी है और जिनके स्थानांतरण की वास्तविक प्रशासनिक आवश्यकता है। अनावश्यक और व्यापक स्तर पर तबादले करने से बचने के निर्देश दिए गए हैं।
रिपोर्टस की माने तो इस बार तबादला प्रक्रिया पूरी तरह मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में चल रही है। विभागों से तैयार सूचियां अंतिम मंजूरी के लिए सीएमओ भेजी गई हैं। अधिकारियों का मानना है कि यदि एक साथ बड़ी सूची भेजी गई तो उसमें संशोधन या आपत्तियों के कारण पूरी सूची अटक सकती है। इसी आशंका को देखते हुए अधिकांश विभागों ने छोटी-छोटी सूचियां तैयार कर अलग-अलग चरणों में सीएमओ भेजी हैं। लगी हुई है। विभिन्न विभागों, निगमों, बोर्डों और स्वायत्तशासी संस्थानों के कर्मचारी अपनी पसंदीदा पोस्टिंग के लिए जनप्रतिनिधियों से सिफारिशें करा रहे हैं। इसका असर सरकारी कार्यालयों के नियमित कामकाज पर भी देखने को मिल रहा है।













