जयपुर Abhayindia.com प्रदेश में निकाय चुनावों को लेकर घमासान मचा है। इस बीच, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार पर सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी भी दी है। आपको बता दें कि प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर गुरुवार को सभी जिलों में पुलिस अधीक्षकों को ज्ञापन दिए गए। प्रदेश अध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने बानसूर, फतहनगर, उदयपुर, अलवर, बीकानेर, कुचेरा, डेगाना और देवली-उनियारा समेत कई जगह पार्षदों पर दबाव बनाने के आरोप लगाए। साथ ही सरकार को बहुत गंभीर चेतावनी भी दी है।
सीकर में पालिका चेयरमैन के चुनावों को लेकर प्रदेशभर में हो रही किलाबंदी को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार पर सत्ता के दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने ये सब बंद नहीं किया तो जनता में आक्रोश बढ़ जाएगा और यदि कोई मर्डर या खून-खराबा हुआ तो जिम्मेदारी सरकार और पुलिस की होगी। डोटासरा ने इसे गुजरात मॉडल बताते हुए कहा कि सरकार पुलिस व प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है।
बीकानेर में नगर निगम में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिला है। कांग्रेस के सभी पार्षद जैसलमेर के एक होटल में ठहरे हुए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि गुरुवार सुबह कुछ सीआईडी कर्मी होटल में जबरन घुसे और पार्षदों की संख्या गिनकर लौट गए। यहां कांग्रेस के बागी नवरतन डागा ने नामांकन वापस ले लिया है। अब महापौर पद के लिए कांग्रेस के अनिल कल्ला और भाजपा के सुरेंद्र सिंह शेखावत के बीच सीधा मुकाबला है।
भरतपुर निगम में कांग्रेस समर्थित निर्दलीय विचित्र सिंह के नामांकन वापस लेने के बाद भाजपा की अनुराधा सिंह निर्विरोध महापौर चुनी गईं। कांग्रेस का आरोप है कि एक दिन पहले विचित्र सिंह के पति और पूर्व मेयर शिव सिंह भौंट के होटल में भरतपुर विकास प्राधिकरण (बीडीए) के अधिकारी पहुंचे थे। सेटबैक जांच के बहाने सरकार के दबाव बनाया। अगले दिन गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म की मौजूदगी में नामांकन वापस कराया गया। हालांकि बेढ़म ने आरोपों को खारिज करते हुए नाम वापसी को विकास के लिए लिया गया फैसला बताया।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बानसूर में कांग्रेस के कैंप में बार-बार पुलिस भेजकर पार्षदों पर दबाव बनाया जा रहा है। फतहनगर में निर्दलीय चेयरमैन प्रत्याशी ममता चपलोत के घर अवैध निर्माण का नोटिस देकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।



















