बीकानेर Abhayindia.com बीकानेर में 21 सितंबर को होने वाले नगर निगम के मेयर चुनाव से पहले बीकानेर में सियासी पारा सातवें आसमान पर है। 48 घंटे में कांग्रेस के दो बड़े चेहरों को नोटिस देकर पुलिस और प्रशासन ने कांग्रेस खेमे में हड़कंप मचा दिया है।
सबसे पहले बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) ने कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षद मनोज बिश्नोई के रानी बाजार स्थित होटल शौर्य 3.0 को अवैध निर्माण बताते हुए अंतिम नोटिस जारी किया। उपायुक्त कुणाल रहर के साइन से जारी नोटिस में 2 दिन में सारे दस्तावेज पेश नहीं करने पर होटल सीज करने की चेतावनी दी गई है। बिश्नोई इस वक्त कांग्रेस की जैसलमेर बाड़ेबंदी में हैं।
अभी पहला मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि पूर्व मेयर मकसूद अहमद को कोटगेट थाने से नोटिस थमा दिया गया। थानाधिकारी मनोज शर्मा द्वारा जारी नोटिस में मकसूद को एक साल पुराने मुकदमा नं. 151/02.06.2025 में धारा 132, 127(2), 74, 79, 351(2), 189(2) BNS के तहत आरोपी बताते हुए BNSS की धारा 179 के तहत 20 सितंबर को थाने में पेश होने को कहा गया है।
क्या है कांग्रेस का आरोप?
कांग्रेस इसे संयोग नहीं, बल्कि भाजपा का “प्रयोग” बता रही है। पार्टी का कहना है कि जब 42 पार्षदों के साथ कांग्रेस का बहुमत साफ है और बागी नवरतन डागा भी वापस आ गए हैं, तो भाजपा सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। चुनाव से ठीक 2 दिन पहले एक साल पुराने केस को खोलने को कांग्रेस “ऑपरेशन डराओ-धमकाओ” बता रही है। पूर्व मंत्री बीडी कल्ला और पूर्व सीएम अशोक गहलोत पहले ही इसे लोकतंत्र की हत्या बता चुके हैं। कांग्रेस प्रवक्ता नितिन वत्सस ने कहा है कि भाजपा प्रत्याशी सुरेन्द्र सिंह की कथनी और करनी में फर्क नजर आ रहा है।
बहरहाल, अब सबकी निगाहें 20 सितंबर पर टिकी हैं, जब मकसूद अहमद थाने में पेश होंगे और 21 को महापौर का फैसला होगा।



















