बीकानेर Abhayindia.com बीकानेर मेयर चुनाव से ठीक दो दिन पहले कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया पर वायरल बयान में भाजपा पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का बड़ा आरोप लगाया है।
डोटासरा का वायरल बयान- "कैसी राजनीति पर उतर आई है भाजपा"
डोटासरा ने अपने पोस्ट में लिखा- “बोर्ड बनाने और मेयर की कुर्सी हथियाने के लिए भाजपा कैसे-कैसे हथकंडे अपनाएगी? बीकानेर में मेयर चुनाव से ठीक पहले भाजपा के सरकारी नोटिसों की झड़ी लग गई है। पहले कांग्रेस पार्षद मनोज बिश्नोई जी को BDA का नोटिस भेजा, और अब कांग्रेस पार्षद मकसूद अहमद जी को वर्षों पुराने मामले में 20 सितंबर को थाने में पेशी का आदेश भेजा गया है। 21 सितंबर को मेयर चुनाव.. और 20 को बुलावा.. भाजपा ये कैसी राजनीति पर उतर आई है। सत्ता कितना भी जोर लगा ले, कांग्रेस का सिपाही न डरेगा, न दबेगा.. लोकतंत्र के लिए मजबूती से खड़ा रहेगा।”
दो दिन, दो नोटिस से गरमाई सियासत
डोटासरा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बीकानेर में 48 घंटे में दो कांग्रेस नेताओं को नोटिस मिल चुका है-
1. मनोज बिश्नोई (पार्षद) : BDA ने उनके होटल शौर्य 3.0 को 2 दिन में सीज करने का अंतिम नोटिस दिया है। अभी तक इस पर प्रशासन ने कोई सफाई नहीं दी है।
2. मकसूद अहमद (पूर्व मेयर) : कोटगेट थाने ने एक साल पुराने केस (मुकदमा नं. 151/2025) में 20 सितंबर को थाने में पेश होने का नोटिस दिया है, जबकि 21 सितंबर को मेयर का चुनाव है।
'नोटिस वर्सेज अंतरात्मा' की लड़ाई
कांग्रेस इसे मेयर चुनाव से पहले पार्षदों को डराने-धमकाने की साजिश बता रही है। वहीं, भाजपा का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है, कांग्रेस को हर चीज में साजिश नजर आती है। डोटासरा के इस बयान के वायरल होते ही बीकानेर मेयर चुनाव अब सिर्फ पार्षदों के आंकड़ों का नहीं, बल्कि ‘नोटिस वर्सेज अंतरात्मा’ की लड़ाई बन गया है।



















