जोधपुर Abhayindia.com राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण जोधपुर ने बिना पद के किये गये स्थानान्तरण पर रोक लगाते हुए वन विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। प्रकरण के अनुसार, वन विभाग जैसलमेर में वसनाराम, जो कि क्षेत्रीय वन अधिकारी प्रथम के पद पर कार्यरत है उसका प्रधान मुख्य वन संरक्षक के द्वारा 10.07.2026 के आदेश से उप वन संरक्षक वन्य जीव जैसलमेर से रेंज नागौर मुख्यालय कार्यालय, उप वन संरक्षक, नागौर के पद पर स्थानान्तरण किया गया। विभाग के इस स्थानान्तरण आदेश से व्यथित होकर प्रार्थी ने एक अपील अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत की।
अधिकरण के समक्ष प्रार्थी के अधिवक्ता प्रमेन्द्र बोहरा का यह तर्क था कि अपीलार्थी को आदेश 10.07.2026 के आदेश से उप वन संरक्षक नागौर पदस्थापित किया गया है। जबकि उप वन संरक्षक नागौर में क्षेत्रिय वन अधिकारी प्रथम का पद ही सृजित नहीं है। अपने तर्को के समर्थन में अधिवक्ता ने वन विभाग द्वारा वर्ष 2015 में स्वीकृत पदों की तालिका प्रस्तुत की जिसमें उप वन सरंक्षक नागौर में केवल क्षेत्रीय वन अधिकारी द्वितीय का पद स्वीकृत है न कि क्षेत्रीय वन अधिकारी प्रथम का।
प्रार्थी के अधिवक्ता का आगे यह भी तर्क था कि प्रार्थी की प्रथम नियुक्ति क्षेत्रीय वन अधिकारी प्रथम के पद पर हुई थी व वर्तमान में भी वह क्षेत्रीय वन अधिकारी प्रथम के पद पर ही कार्यरत है। अतः उसका स्थानान्तरण क्षेत्रीय वन अधिकारी का पद सृजित नहीं होने के बावजूद भी स्थानान्तरण उप वन संरक्षक कार्यालय नागौर किया गया है जो अनुचित व विधि विरूद्ध है।
प्रार्थी के अधिवक्ता का आगे यह भी तर्क था कि प्रार्थी का पदस्थापन वर्तमान स्थान पर दिनांक 12.05.2025 को ही हुआ है अतः दो वर्ष पूर्व ही स्थानान्तरण करना वन विभाग द्वारा जारी स्थानान्तरण नीति के भी विरूद्ध है। वन विभाग द्वारा जारी स्थानान्तरण नीति में भी यह स्पष्ट उल्लेखित है किसी कर्मचारी विशेष का एक पद पर न्यूनतम ठहराव 2 वर्ष होगा। 2 वर्ष से पूर्व स्थानान्तरण नहीं किया जायेगा। इसके बावजूद भी प्रार्थी का स्थानान्तरण एक वर्ष पश्चात् ही कर दिया गया जो विधि विरूद्ध है। प्रार्थी के अधिवक्ता के तर्कों से सहमत होते हुए अधिकरण के प्रार्थी के स्थानान्तरण आदेश 10.07.2026 जिसके द्वारा उसका स्थानान्तरण जैसलमेर से उप वन संरक्षक नागौर किया गया था पर रोक लगाते हुए वन विभाग से जवाब तलब किया।
















