अभय इंडिया के 14 वर्ष : हर खबर के पीछे जनमन की धड़कन, हर शब्द में सच का एहसास
जयपुर Abhayindia.com राजस्थान में प्रचंड गर्मी के दौर के बीच राहत वाली खबर आई है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 जुलाई को मानसून दस्तक दे सकता है। इसके साथ ही दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढऩे की प्रबल संभावना है। विभाग के अनुसार, 3 से 5 जुलाई के बीच पूर्वी राजस्थान के और अधिक क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। यदि यह सिस्टम सक्रिय रहता है तो प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून तेजी से आगे बढ़ सकता है।
विभाग के अनुसार, जहां बारिश नहीं पहुंची है वहां गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ाए हुए हैं। अगले तीन-चार दिनों तक जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है। वहीं, जयपुर, अजमेर और भरतपुर संभाग में तापमान 38 से 42 डिग्री के बीच रहने के साथ अधिक नमी के कारण उमस भरी गर्मी का असर बना रहेगा।
इधर, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के नवीनतम विस्तारित पूर्वानुमान में 1 जुलाई के बाद वर्षा में पुनरुत्थान का संकेत दिया गया है, जिसमें दक्षिण-पश्चिम मानसून के पिछले कुछ दिनों के सुस्त दौर से उबरने और अगले महीने की शुरुआत से फिर से मजबूत होने की संभावना है। पूर्वानुमान के अनुसार, पहले सप्ताह (25 जून-1 जुलाई) के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है, सिवाय दक्षिण प्रायद्वीपीय और उत्तरपूर्वी भारत के कुछ हिस्सों के, जहाँ सामान्य से अधिक वर्षा होने की उम्मीद है।
हालांकि, पूर्वानुमान के दूसरे सप्ताह (2-8 जुलाई) के दौरान पूरे देश में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है। यह पूर्वानुमान ऐसे समय में आया है जब देश में बारिश की कमी जारी है। 24 जून को समाप्त हुए सप्ताह में भारत में सामान्य से 47 प्रतिशत कम बारिश हुई, जबकि 1 जून से अब तक मानसून की कुल बारिश सामान्य से 42 प्रतिशत कम रही। मध्य भारत में मौसमी बारिश की सबसे अधिक कमी दर्ज की गई, जो 59 प्रतिशत थी।
आईएमडी की वैज्ञानिक सुषमा नायर ने संभावित बदलाव के बारे में बताया और कहा कि मानसून का प्रवाह अगले कुछ दिनों तक कमजोर रहने की संभावना है, उसके बाद इसमें मजबूती आएगी। उन्होंने कहा, 26 जून से 28-29 जून के बीच मानसून का प्रवाह कमजोर रहेगा और मानसून की गति को बढ़ाने के लिए कोई विशेष अनुकूल परिस्थितियां नहीं हैं। इसके बाद, प्रवाह में तेजी आने की उम्मीद है और तदनुसार वर्षा की गतिविधि में भी वृद्धि होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो महाराष्ट्र के तटीय इलाकों से बारिश की शुरुआत होने की संभावना है और फिर यह अंदरूनी इलाकों तक फैलेगी। उन्होंने आगे कहा, अगर सब कुछ ठीक रहा तो महाराष्ट्र के आंतरिक इलाकों में भी बारिश होगी। आईएमडी ने शुक्रवार को यह भी कहा कि अगले तीन से चार दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तरी अरब सागर के कुछ और हिस्सों, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के शेष हिस्सों, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढऩे के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।













