





बीकानेर Abhayindia.com राज्य सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत देराजसर तहसील श्री डूंगरगढ़ में प्रशासन की टीम ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए ग्राम देराजसर निवासी श्रीमती भंवरी देवी की लंबे समय से बंद पड़ी वृद्धजन पेंशन को उनके घर पहुँचकर पुनः शुरू करवाया।
श्री डूंगरगढ़ एसडीएम शुभम शर्मा ने बताया कि भंवरी देवी की वृद्धजन पेंशन तकनीकी कारणों से काफी समय से बंद थी, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान प्रशासनिक टीम ने उनकी समस्या को प्राथमिकता से सुना, आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया और घर पर ही आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उनकी पेंशन पुनः प्रारंभ करवा दी गई। भंवरी देवी ने बताया कि मेरी वृद्धजन पेंशन लंबे समय से बंद थी, जिससे मुझे काफी परेशानी हो रही थी। ग्रामीण सेवा शिविर की टीम स्वयं मेरे घर आई और मेरी पेंशन पुनः शुरू करवाई।
शिविर में पाँच परिवारों को मिला पट्टा, वर्षों पुरानी समस्या का हुआ समाधान
ग्रामीण सेवा शिविर-2026 ग्राम पंचायत कोलासर तहसील कोलायत में बुधवार को ग्रामीणों के लिए राहत और विश्वास का माध्यम बना। शिविर के दौरान राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 157 के अंतर्गत पाँच पृथक पट्टे तैयार कर पात्र लाभार्थियों को वितरित किए गए। शिविर प्रभारी उत्तमचन्द, नायब तहसीलदार की अध्यक्षता में पट्टों का वितरण किया गया।
इस शिविर में गणेशा राम पुत्र उत्तमा राम, गजानंद पुत्र उत्तमा राम, संतोष पत्नी राधेश्याम, लालचंद पुत्र उत्तमा राम तथा इन्द्रचंद पुत्र उत्तमा राम को उनके पृथक पट्टे प्रदान किए गए। लंबे समय से लंबित यह प्रक्रिया शिविर में ही पूरी होने से सभी लाभार्थियों को बड़ी राहत मिली। लाभार्थियों ने बताया कि अब उन्हें भूमि संबंधी कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
20 वर्ष पुराने विवाद का हुआ निस्तारण, पशुपालकों को मिला योजना का लाभ
राज्य सरकार के जन-कल्याण शिविरों के अंतर्गत पंचायत समिति बज्जू खालसा की ग्राम पंचायत मिठड़िया में बुधवार को आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 आमजन के लिए राहत और विश्वास का केंद्र बना। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा एक ही स्थान पर अनेक सरकारी सेवाएं एवं योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। साथ ही वर्षों से लंबित मामलों का त्वरित समाधान कर आमजन को राहत पहुंचाई गई।
शिविर प्रभारी एवं उपखंड अधिकारी सांवरलाल रैगर ने बताया कि शिविर के दौरान 22 विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी गई तथा अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
पुराना भूमि विवाद सुलझा, मिली राहत
शिविर प्रभारी एवं उपखंड अधिकारी सांवरलाल रैगर ने बताया कि शिविर में ग्राम मिठड़िया निवासी भोमाराम पुत्र लच्छीराम के लगभग 20 वर्षों से लंबित भूमि खातेदारी विवाद का समाधान किया गया। खातेदारी को लेकर आपसी सहमति नहीं बनने से उन्हें लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
शिविर प्रभारी एवं उपखंड अधिकारी सांवरलाल रैगर, सहायक आयुक्त उपनिवेशन बाबूलाल रैगर, तहसीलदार नितिन पुरोहित, तहसीलदार उपनिवेशन अनिल मीणा तथा सहायक अभियंता सुन्दरलाल गोदारा की समझाइश एवं प्रयासों से पक्षकारों में सहमति बनी और लगभग 19 हेक्टेयर भूमि की खातेदारी प्रदान की गई। लाभार्थी ने राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर के माध्यम से वर्षों पुरानी समस्या का समाधान संभव हो सका।
मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना से मिला आर्थिक संबल
शिविर में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत श्रीमती मधीदेवी, श्रीमती विमला देवी एवं श्रीमती बिदामी देवी ने अपनी दो-दो गायों का निःशुल्क बीमा करवाया। योजना के अंतर्गत बीमित पशु की मृत्यु होने पर प्रति पशु 30 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता का प्रावधान है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी। लाभार्थियों ने कहा कि यह योजना ग्रामीण परिवारों के लिए सुरक्षा कवच साबित हो रही है और पशुधन की हानि की स्थिति में आर्थिक संकट से उबरने में सहायक होगी। उन्होंने जन-कल्याण शिविरों के माध्यम से योजनाओं का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
ग्रामीण सेवा शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा बड़ी संख्या में लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। शिविर ने यह साबित किया कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहलें आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।








