जयपुर Abhayindia.com राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव कराने को लेकर सियासत गर्मा गई है। इस बीच, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी का अहम बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि ‘एक राज्य, एक चुनाव’ के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य सरकार अक्टूबर से दिसंबर महीने के बीच हर हाल में चुनाव करा लेगी। चतुर्वेदी ने भीलवाड़ा में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि चुनाव कराने के लिए ओबीसी आयोग और सरकार समन्वय के युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के आरोपों पर कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय भी चुनाव ढाई साल की लंबी अवधि तक टाले गए थे।
उन्होंने कहा कि आयोग ने 31 जुलाई तक चुनाव कराने के मकसद से राज्य सरकार को पत्र लिखा है, जिसमें एससी, एसटी, ओबीसी और महिला आरक्षण तय करने के लिए कहा है। आयोग के अनुसार कोर्ट के आदेशानुसार ओबीसी आरक्षण का इंतजार किए बिना भी चुनाव कार्यक्रम घोषित करने के लिए भी एससी-एसटी-महिला आरक्षण आवश्यक होगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि आरक्षण के लिए लॉटरी प्रक्रिया कराने का अधिकार राज्य सरकार के पास है।
चतुर्वेदी ने कहा कि स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए वित्त आयोग बेहद संजीदगी से काम कर रहा है। इसके लिए विभिन्न स्तरों पर व्यापक अध्ययन किया जा रहा है और आमजन व विशेषज्ञों से जरूरी सुझाव भी आमंत्रित किए जा रहे हैं, ताकि जमीनी स्तर पर विकास कार्यों को नई गति दी जा सके।
उन्होंने सरकार के जनकल्याणकारी रुख को रेखांकित करते हुए कहा कि शहरी विकास शिविरों का सीधा लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति तक पहुंचाना ही मुख्य ध्येय है। इसके लिए सरकार सभी महत्वपूर्ण विभागों को एक ही छत के नीचे लेकर आई है, जिससे जनता को प्रशासनिक स्तर पर त्वरित राहत दी जा सके। उन्होंने आश्वस्त किया कि नगर विकास न्यास सहित जिले के अन्य सरकारी महकमों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भी स्थानांतरण की सतत प्रक्रिया के माध्यम से जल्द ही भर दिया जाएगा, ताकि आमजन के काम न अटकें।
















