








बीकानेर Abhayindia.com पिछले लगभग एक सप्ताह से पीबीएम अस्पताल में भर्ती गंभीर प्रसूताओं के स्वास्थ्य को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही थीं। अब सात दिन बाद राहत देने वाली सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। अस्पताल में भर्ती छह प्रसूताओं में से चार के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। इनमें से दो प्रसूताओं को आगामी दो दिनों में अस्पताल से छुट्टी दिए जाने की संभावना है, जबकि दो अन्य प्रसूताओं की स्थिति में भी निरंतर सुधार दर्ज किया जा रहा है और उन्हें पूर्णतः स्वस्थ होने के बाद आगामी एक सप्ताह में डिस्चार्ज किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि पीबीएम में भर्ती हुई प्रसूताओं को पहले से ही कई हाई रिश्क फेक्टर थे जिसमे कुछ प्रसूताओं में खून कि कमी थी जिनका हीमोग्लोबिन 7 से कम था, कुछ प्रसूताओं को उक्त रक्तचाप था साथ ही प्रसूतायें कुपोषण एवं डी हाईडरेशन कि भी शिकार थी। सभी प्रसूतायें गहन चिकित्सा इकाई में उपचाराधीन है जिनमे दो प्रसूताओं का उपचार अभी भी वेंटिलेटर सपोर्ट पर किया जा रहा है। उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है, लेकिन वरिष्ठ चिकित्सकों के मार्गदर्शन में 24×7 निगरानी और उपचार जारी है।
पीबीएम अस्पताल प्रशासन ने बताया कि दो प्रसूताओं की स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हुई है और उनमें लगातार सुधार देखा जा रहा है, आगामी दो दिनों में इन्हें डिस्चार्ज करने कि पूरी सम्भावना है। वहींं, अन्य दो प्रसूताओं की सामान्य स्थिति भी स्थिर है तथा वह रिकवरी की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। अन्य गंभीर मरीजों की चिकित्सा भी उच्च स्तरीय विशेषज्ञता के साथ जारी है।
इन प्रसूताओं के उपचार में पीबीएम अस्पताल के मेडिसिन विभाग, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, नेफ्रोलॉजी, एनेस्थीसिया, पल्मोनरी मेडिसिन तथा न्यूरोलॉजी विभागों की संयुक्त टीम दिन-रात जुटी हुई है। रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग ऑफिसर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ सेवाएं दे रहे हैं।
प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र कुमार के मार्गदर्शन तथा कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. परमेंद्र सिरोही के निर्देशन में गठित विशेष चिकित्सकीय टीम लगातार मरीजों की मॉनिटरिंग कर रही है। इस टीम में अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. रेखा आचार्य एवं डॉ. नीति शर्मा स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष खजोटिया, डॉ. सुमन बुडानिया, नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. जितेंद्र फलोदिया, न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. खेताराम शर्मा तथा निश्चेतन विभाग से डॉ. विशाल एवं श्वसन रोग विबाहग के डॉ. रवि सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सक शामिल हैं, जो राउंड द क्लॉक प्रसूताओं की बेहतर रिकवरी के लिए अपने उच्चतम प्रयास कर रहे हैं।


