जयपुर Abhayindia.com राजधानी के बगरू विधानसभा क्षेत्र में स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल रामपुरा कंवरपुरा का निरीक्षण करने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग आमने-सामने हो गए। इस दौरान सीजेपी टीम पर उग्र ग्रामीणों ने कथित तौर पर लाठियों और पत्थरों से हमला कर दिया। हमले में सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के कपड़े फाड़ने, एक कार्यकर्ता का हाथ तोड़ने और गाड़ियों के शीशे चकनाचूर करने का आरोप है। इस संघर्ष के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया है।
इस पूरे विवाद की जड़ में रामपुरा कंवरपुरा का वह बदहाल प्राथमिक स्कूल है, जो अपनी जर्जर स्थिति के कारण पिछले काफी समय से एक पशु बाड़े में टीनशेड के नीचे संचालित किया जा रहा है। स्कूल के मुख्य भवन की छत की पट्टियां टूट चुकी हैं, जिन्हें लोहे के भारी एंगलों के सहारे रोका गया है। इस जानलेवा खतरे के चलते स्कूल भवन को बंद कर उसे 50 मीटर दूर शिफ्ट कर दिया गया था, जहां मासूम बच्चे मवेशियों के चारे और असुरक्षित कच्ची दीवारों के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं। पिछले साल के निरीक्षण के दौरान भी स्कूल की यही भयावह स्थिति पाई गई थी।
निरीक्षण की खबर मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने सुबह 8 बजे से ही बगरू में मोर्चाबंदी कर दी थी। उन्होंने मुख्य रास्ते पर ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर नाकेबंदी कर दी और आने-जाने वाले वाहनों की तलाशी शुरू कर दी। सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि जब उनकी टीम मौके पर पहुंची, तो एक सोची-समझी साजिश के तहत उग्र भीड़ ने उन पर हमला बोल दिया। सीजेपी कार्यकर्ताओं को लाठी-डंडों से दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया, उनके मोबाइल छीनकर तोड़ दिए गए और एक महिला कार्यकर्ता के साथ भी बदसलूकी की गई। इस पथराव में पीछे छूटे एक कार्यकर्ता को भीड़ ने घेरकर बेरहमी से पीटा।
इस हमले के बाद सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने इसे राजस्थान के लोकतांत्रिक इतिहास का ‘काला दिन’ बताते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को 48 घंटे का कड़ा अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने मांग की है कि कथित हमले में शामिल सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और स्कूलों में प्रवेश पर प्रतिबंध का तानाशाही आदेश वापस लिया जाए। रांका ने चेतावनी दी कि यदि समय सीमा में मांगें पूरी नहीं हुईं, तो सीजेपी मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग को लेकर पूरे राजस्थान में बड़ा आंदोलन शुरू करेगी।















