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नीट यूजी काउंसलिंग-2026 : ‘फ्रीज’ और ‘फ्लोट’ विकल्प के तहत विद्यार्थियों को ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन की सुविधा

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जयपुर Abhayindia.com चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबूलाल गोयल ने कहा कि नीट यूजी काउंसलिंग-2026 के लिए राज्य के सभी मेडिकल संस्थान मेडिकल काउंसलिंग कमेटी, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग तथा राज्य काउंसलिंग प्लेटफॉर्म द्वारा लागू किए गए नवीन प्रावधानों का पूरी गंभीरता से पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि काउंसलिंग प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही या विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।

गोयल शनिवार को नीट यूजी काउंसलिंग-2026 को पूर्णतः पारदर्शी त्रुटिरहित एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से राज्य के सभी राजकीय एवं निजी मेडिकल तथा डेंटल कॉलेजों के नोडल अधिकारियों एवं संस्थान प्रमुखों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी भाग लेने वाले मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों में एक नोडल अधिकारी के साथ दो पृथक वेरिफाइंग अधिकारियों- एक ऑनलाइन एवं एक फिजिकल दस्तावेज सत्यापन के लिए- नियुक्त करना अनिवार्य किया गया है। आयुक्त ने कहा कि ऑनलाइन सत्यापन निर्धारित समय-सीमा में पूरा करना होगा। विलंब होने पर संबंधित सीट स्वतः निरस्त हो सकती है। उन्होंने इसके साथ ही प्रवेश शुल्क की जानकारी पोर्टल पर तत्काल अपडेट करने तथा नियमानुसार सीट त्याग की प्रक्रिया भी समयबद्ध रूप से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने राज्य स्तरीय हेल्पडेस्क, कॉल सेंटर, ई-मेल सहायता प्रणाली, सोशल मीडिया सेल तथा हिंदी एवं अंग्रेजी में चरणबद्ध मार्गदर्शिका वीडियो उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही काउंसलिंग अवधि के दौरान कॉलेज रिपोर्टिंग कार्यालयों एवं हेल्पलाइन सेवाओं को अवकाश के दिनों सहित निर्बाध रूप से संचालित करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने सभी नीट यूजी-2026 योग्य अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे नियमित रूप से एमसीसी एवं राज्य काउंसलिंग पोर्टल पर उपलब्ध सूचनाओं का अवलोकन करें तथा काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने से पूर्व सूचना पुस्तिका का सावधानीपूर्वक अध्ययन करें। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष काउंसलिंग प्रक्रिया को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए गए हैं।

‘फ्रीज’ विकल्प चुनने वाले अभ्यर्थियों को आवंटित कॉलेज में जाकर मूल दस्तावेजों का सत्यापन एवं प्रवेश शुल्क जमा कराना होगा, जबकि ‘फ्लोट’ विकल्प चुनने वाले अभ्यर्थियों को अगले चरण में सीट उन्नयन के लिए 100 प्रतिशत ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन की सुविधा मिलेगी। ऐसे विद्यार्थियों को तीसरे चरण अथवा अंतिम आवंटन तक कॉलेज में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने या मूल दस्तावेज जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी।

राज्य काउंसलिंग बोर्ड एवं नीट कोर कमेटी राज्य राउंड-दो के बाद प्रवेश प्राप्त अभ्यर्थियों की सत्यापित सूची तत्काल अपलोड करेंगे। इससे विभिन्न राज्यों एवं ऑल इंडिया कोटा में सीट ब्लॉकिंग की समस्या समाप्त होगी तथा रिक्त सीटें पुनः काउंसलिंग पूल में उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे अधिक मेरिट वाले अभ्यर्थियों को लाभ मिलेगा। एनआरआई श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों एवं एमसीसी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन की व्यवस्था लागू की गई है। प्रायोजक (स्पॉन्सर) के वैध अभिभावक होने संबंधी प्रमाण-पत्र पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। दिव्यांग अभ्यर्थियों का मूल्यांकन एनएमसी के संशोधित मानकों के अनुसार किया जाएगा। इसके लिए स्थायी यूडीआईडी नंबर कार्ड अनिवार्य होगा तथा अपीलों के निस्तारण के लिए पृथक अपीलीय दिव्यांग मूल्यांकन बोर्ड भी गठित किया गया है। बैठक में राजस्थान नीट यूजी बोर्ड-2026 के पदाधिकारियों एवं विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।

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