जयपुर Abhayindia.com राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बैक डेट की फर्जी डिग्री के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले एक शारीरिक शिक्षक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फर्जी बीपीएड डिग्री का उपयोग करके शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती-2021 में सफलता हासिल की थी और उसे थर्ड ग्रेड पीटीआई के पद पर नियुक्ति मिल गई थी। जांच के दौरान डिग्री के फर्जी पाए जाने पर शिक्षा विभाग ने आरोपी को पद से हटा दिया था। इसके बाद से आरोपी पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी से बचने के लिए पिछले डेढ़ साल से लगातार छिपकर फरारी काट रहा था।
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की पूछताछ में आरोपी की पहचान जोधपुर के बिलाड़ा निवासी चंद्र सिंह पटेल (41) के रूप में हुई है। आरोपी ने बताया कि उसने बाबूलाल उर्फ बाबू पटेल, प्रदीप कुमार शर्मा और रवि त्यागी नाम के दलालों के जरिये 1.20 लाख रुपये देकर यह फर्जी बीपीएड डिग्री तैयार कराई थी। तीनों दलालों को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की टीम पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी ने इन्हीं दलालों के नेटवर्क की मदद से पुरानी तारीख की फर्जी बीपीएड डिग्री हासिल की थी और भर्ती में चयनित होकर सरकारी सेवा में प्रवेश किया था। नौकरी से बर्खास्त होने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार प्रयासरत थी। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह पिछले डेढ़ साल से जोधपुर शहर में अलग-अलग जगहों पर छिपकर रह रहा था। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की विशेष टीम ने आखिरकार जोधपुर ग्रामीण क्षेत्र से आरोपी चंद्रसिंह पटेल को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। शिक्षा विभाग से फर्जी डिग्री के संबंध में सूचना मिलने के बाद से ही पुलिस इसकी तलाश में जुटी हुई थी।
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि फर्जी डिग्री प्रकरण में पुलिस की कार्रवाई निरंतर जारी है। इस पूरे मामले में चूरू स्थित ओपीजेएस विश्वविद्यालय और उत्तर प्रदेश के शिकोहाबाद स्थित जेएस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति तथा पूर्व कुलसचिव सहित अब तक 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
















