जयपुर Abhayindia.com राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव की कवायद अब तेज होने लगी है। इस बीच, भजनलाल सरकार सोमवार को अदालत में चुनाव के लिए रोडमैप पेश करने जा रही है। बताया जा रहा है कि इसमें चुनाव कराने की प्रस्तावित समय-सीमा और ओबीसी आरक्षण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। आपको बता दें कि शनिवार को महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, राज्य निर्वाचन आयोग, अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक) आयोग के प्रतिनिधियों, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा, स्वायत्त शासन सचिव रवि जैन तथा पंचायती राज विभाग के अधिकारियों ने बैठक कर रिपोर्ट तैयार की थी। इसे सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट में पेश की जाएगी।
रिपोर्टस के अनुसार, सरकार अदालत में 15 अगस्त से 15 नवंबर के बीच पंचायत और निकाय चुनाव कराने का प्रस्ताव रखेगी। हाल ही में हाईकोर्ट ने चुनाव में देरी पर नाराजगी जताते हुए अवमानना कार्रवाई की चेतावनी दी थी। सरकार, निर्वाचन आयोग व ओबीसी आयोग को सोमवार की सुनवाई के दौरान ओबीसी सर्वे, आरक्षण लॉटरी और चुनाव कार्यक्रम की समय-सीमा के बारे में जानकारी देनी है। रिपोर्टस के अनुसार, ओबीसी (राजनीतिक) आयोग 31 जुलाई तक सर्वे पूरा कर 5 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगा। इसके बाद पंचायती राज और स्वायत्त शासन विभाग करीब 10 दिन में आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया पूरी कर एससी, एसटी, ओबीसी और महिला आरक्षित वार्डों की सूची राज्य निर्वाचन आयोग को भेजेंगे। इसके आधार पर आयोग 15 अगस्त से 15 नवंबर के बीच चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के लिए कार्यक्रम घोषित कर सकता है।
इधर, भाजपा ने भी चुनाव को लेकर रणनीतिक बैठक की है। बैठक में राजस्थान नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी, वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़, अरुण चतुर्वेदी और अशोक परनामी सहित संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे थे।













