Hometrendingएम्बुलेंस 108 में एंटी शॉक एनएएसजी गार्मेंट के उपयोग के निर्देश, निदेशालय...

एम्बुलेंस 108 में एंटी शॉक एनएएसजी गार्मेंट के उपयोग के निर्देश, निदेशालय स्तर पर कैंसर सैल का गठन होगा

AdAdAdAdAdAdAd

जयपुर Abhayindia.com प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने कहा कि प्रदेशभर के सभी डिलीवरी प्वाइंट, जहां प्रसव होते हैं, के स्त्रीरोग विशेषज्ञों की संबंधित जिले के मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मेंटरिंग की जाएगी। उन्होंने इसके लिए उन्होंने आगामी 5 दिवस में एक-एक घंटें के स्लॉट बनाकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्टैण्डर्ड ऑपरेशन प्रोसिजर्स सहित विभिन्न मुख्य बिन्दुओं पर आवश्यक जानकारी प्रदान करने के निर्देश दिए।

राठौड़ ने शुक्रवार को स्वास्थ्य भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेजों के अधीक्षकों, प्रमुख चिकित्सा अधिकारियों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों से गत् 24 घंटे में हुए सामान्य तथा सिजेरियन प्रसवों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि गंभीर एनीमिया वाली गर्भवती महिलाओं को आवश्यक ब्लड ट्रांसफ्यूजन, एसीएफ इंजेक्शन या आयरन शुक्रोज के माध्यम से मॉडरेट और माइल्ड एनीमिया में बदलाव में किए जाने की कार्यवाही की सघन मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने इस सप्ताह के अंत तक सभी अस्पतालों में प्रसव सखी का काउंटर बनाने, प्रसव सखी की नियुक्ति सहित सम्पूर्ण कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं प्राचार्य एवं नियंत्रक एसएनएमसी मेडिकल कॉलेज जोधपुर के डॉ. बी.एस. जोधा ने प्रसव के दौरान पीपीएच प्रबंधन के लिए उपयोग में लिए जा रहे एंटी शॉक एनएएसजी गार्मेंट पर विस्तार से प्रजेन्टेशन दिया। प्रमुख शासन सचिव ने सीएसआर के माध्यम से सभी आपातकालीन एम्बुलेंस 108 में एंटी शॉक एनएएसजी गार्मेंट के उपयोग के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने इसके उपयोग के लिए पैरामेडिकल स्टॉफ के प्रशिक्षण आयोजन के भी निर्देश दिए।

अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. टी. शुभमंगला ने गुरूवार को दौसा एवं सीकर जिले में एमसीएचएन एवं जिला अस्पताल के निरीक्षण का भी फीडबैक दिया। प्रमुख शासन सचिव ने फीडबैक में निरीक्षण के दौरान प्रसूति कक्ष एवं ऑपरेशन थियेटर में निर्धारित एसओपी की पालना नहीं पाए जाने पर दौसा के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को चार्जशीट जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही एक नर्सिंग स्टॉफ के खिलाफ भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि निदेशालय स्तर पर कैंसर सैल का गठन किया जाएगा। उन्होंने प्रदेशभर में कैंसर स्क्रीनिंग के लिए संचालित की जा रही स्क्रीनिंग वैन के पूर्ण सदुपयोग किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जिस भी जगह पर वैन के माध्यम से शिविर लगवाए जाए, वहां 10 दिवस पूर्व से उक्त शिविर की जानकारी आमजन तक पहुंचान के निर्देश दिए। साथ ही शिविरों के आयोजन के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के स्तर पर मासिक कैलेण्डर तैयार किया जाए। उन्होंने बारिश के मध्यनजर मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं बचाव के लिए अभी से तैयारियां करते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। बैठक में मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. जोगाराम, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा बाबूलाल गोयल, प्रबंध निदेशक आरएमएससीएल पुखराज सैन, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

AdAdAdAd
- Advertisment -

Most Popular