बीकानेर Abhayindia.com वैश्विक प्रौद्योगिकी और नवाचार के महाकुंभ ‘सीसाइड स्टार्टअप समिट 2026’ के 10वें भव्य संस्करण में भारतीय मेधा और तकनीकी दृष्टि का जबरदस्त परचम लहराया। आर्मेनिया में आयोजित इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत के अग्रणी और चर्चित टेक स्टार्टअप ‘ईको भारत’ (मेको इनोवेक्स सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड) के संस्थापक सम्पत सारस्वत ने आर्मेनिया गणराज्य के उच्च-प्रौद्योगिकी उद्योग मंत्री (Minister of High-Tech Industry) मखितार हेरापेत्यान (Mkhitar Hayrapetyan) से एक विशेष उच्चस्तरीय मुलाकात की।
इस ऐतिहासिक मुलाकात के दौरान दोनों दिग्गजों के बीच वैश्विक स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र (Global Startup Ecosystem), आधुनिक सार्वजनिक सुरक्षा, स्मार्ट मोबिलिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित यातायात प्रबंधन पर मैराथन चर्चा हुई। सम्पत सारस्वत ने मंत्री हेरापेत्यान को ‘ईको भारत’ द्वारा विकसित की गई क्रांतिकारी क्यूआर-कोड आधारित आपातकालीन वाहन टैगिंग, आरएफआईडी (RFID) ट्रांजिट ट्रैकिंग और स्मार्ट कैम्पस पहल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सारस्वत ने बताया कि कैसे यह भारतीय तकनीक सड़क दुर्घटनाओं को रोकने, त्वरित आपातकालीन सहायता पहुंचाने और नागरिक सुरक्षा को मजबूत करने में एक नया इतिहास रच रही है।
आर्मेनिया के हाई-टेक मंत्री मखितार हेरापेत्यान ने ‘ईको भारत’ के इस दूरदर्शी विजन और सामाजिक सरोकार से जुड़ी अत्याधुनिक तकनीक की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत तकनीक के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व कर रहा है और ईको भारत जैसी दूरदर्शी पहल अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जनजीवन को सुरक्षित बनाने में मील का पत्थर साबित होंगी। मंत्री ने आर्मेनिया और भारत के बीच तकनीकी आदान-प्रदान, क्रॉस-बॉर्डर इनोवेशन और स्टार्टअप्स के वैश्विक विस्तार के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। सम्पत सारस्वत की इस उपलब्धि और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर क्षेत्र का नाम रोशन करने पर देश-प्रदेश के तकनीकी गलियारों, व्यापारिक संगठनों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
सम्पत सारस्वत के विचार
“सीसाइड स्टार्टअप समिट के 10 साल पूरे होने के इस ऐतिहासिक अवसर पर विश्वभर के नीति-निर्माताओं और निवेशकों से संवाद का यह अनुभव अद्भुत रहा। आर्मेनिया के हाई-टेक मंत्री मखितार हेरापेत्यान जी से हुई सकारात्मक चर्चा ने हमारे इस विश्वास को और दृढ़ किया है कि भारत की तकनीक और नवाचार संपूर्ण विश्व को एक सुरक्षित और स्मार्ट भविष्य दे सकते हैं।”















