जयपुर Abhayindia.com राजस्थान पुलिस की स्टेट साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी एवं साइबर फ्रॉड नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सीकर से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस संगठित गिरोह में अब तक कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) श्री विजय कुमार सिंह ने बताया कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से प्राप्त सूचना, तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी मोहम्मद सद्दाम अंसारी उर्फ जेरी को सीकर से गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी सद्दाम उर्फ जेरी की भूमिका
1. वर्ष 2023 में आरोपी का सम्पर्क कथित एजेंट मुबारिक खान निवासी रोलसाबसर से हुआ। एजेंट ने कम्बोडिया के एक शॉपिंग मॉल में नौकरी दिलाने का आश्वासन देकर ₹40,000 नकद लिए तथा इलेक्ट्रॉनिक वीजा एवं हवाई टिकट उपलब्ध कराए। दिनांक 31 अक्टूबर 2023 को मोहम्मद सद्दाम अपने तीन साथियों अनिल, पंकज एवं राशिद के साथ जयपुर से कम्बोडिया गया।
2. कम्बोडिया में पोईपेट स्थित कम्पनी में कार्य किया। आंखों की समस्या के कारण वह लंबे समय तक कम्प्यूटर पर कार्य नहीं कर सके, जिसके बाद उन्हें कार्यालय की देखरेख एवं कर्मचारियों तक भोजन, कम्बल आदि पहुंचाने का कार्य सौंपा गया। वे एचआर संबंधी कार्य करने लगे। उन्हें प्रतिमाह लगभग 800 अमेरिकी डॉलर वेतन मिलता था।
3. कम्पनी में कर्मचारियों को वास्तविक नामों के बजाय अलग-अलग उपनामों से बुलाया जाता था। वहां लगभग 200 लोग कार्यरत थे, जिनमें बड़ी संख्या राजस्थान के ब्यावर क्षेत्र के लोगों की थी, जबकि कुछ कर्मचारी सीकर एवं केरल से भी थे।
4. इसके द्वारा जनवरी एवं फरवरी 2024 में कुछ अन्य व्यक्तियों को भी नौकरी के लिए कम्बोडिया बुलाया, जिसके बदले कम्पनी से प्रति व्यक्ति 300 अमेरिकी डॉलर कमीशन लेता था। संबंधित व्यक्तियों से विदेश भेजने के लिए ₹30,000-₹30,000 रूपये लिए गये।
5. मोहम्मद सद्दाम कम्बोडिया तीन अलग-अलग अवधियों में गया और लगभग दो वर्ष तक वहां रहा।
भारत में रहकर भी विदेशी हैंडलर से संपर्क
अनुसंधान में यह भी सामने आया है कि गिरोह से जुड़े कुछ आरोपी भारत लौटने के बाद भी कंबोडिया के नंबरों के माध्यम से व्हाट्सएप पर चाइनीज हैंडलर Atai के संपर्क में थे। आरोप है कि वे नए लोगों को आकर्षक नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया भेजने की तैयारी कर रहे थे।
डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच जारी
पुलिस ने बताया कि प्रकरण में बरामद डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण जारी है। अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी, मानव तस्करी और क्रिप्टो निवेश धोखाधड़ी से जुड़े इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान, गिरफ्तारी और वित्तीय लेन-देन की जांच लगातार जारी है। राज्य की अन्य जांच एजेंसियां भी आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं। यह कार्रवाई एसपी साइबर क्राइम सुमित मेहरड़ा के सुपरविजन व डीएसपी/थानाधिकारी गजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में की गई। जिसमें साइबर क्राइम थाना से सहायक उप-निरीक्षक बृजलाल सैनी, कांस्टेबल, धर्मेंद्र, रोहिताश कुमार और सीआईडी-सीबी से कांस्टेबल चक प्लग अविनाश सहित सीकर से एएसआई ताराचंद, दीनदयाल, कांस्टेबल भागीरथ, अशोक कुमार, बजरंग सिंह और महिपाल सिंह शामिल थे।













