सीकर Abhayindia.com राजस्थान में होने वाले आगामी निकाय चुनाव को लेकर नगरीय विकास राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा का अहम बयान सामने आया है। मंत्री खर्रा ने कहा है कि जिस प्रक्रिया से चुनाव होते रहे हैं, उसी प्रक्रिया की तरह इस बार चुनाव होंगे। ऐसे में पार्षदों में से नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में मेयर, सभापति और पालिकाध्यक्षों का चुनाव होगा। यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा सीकर में गुरुवार को नगर निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा की जिलास्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के समय एक बार निकाय चेयरमैन का सीधा चुनाव कराया था, उसमें चेयरपर्सन और पार्षदों के बोर्ड अलग-अलग विचारधारा के बन गए। ऐसे में फिर पांच साल तक उन बोर्डों में खींचतान ही चलती रही। इससे विकास कार्य प्रभावित हुए थे। राजस्थान सरकार के कार्यों की तारीफ करते हुए राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि राजस्थान सरकार ने सीएम भजनलाल शर्मा की अगुवाई में सड़क, बिजली, पानी, कानून व्यवस्था और पेपर लीक के मामले में ऐतिहासिक काम किए हैं। प्रदेश के हर तबके के लिए बीते 31 महीने में जनकल्याणकारी काम और विकास कार्य हुए हैं।
प्रदेश में में पंचायत और निकाय चुनाव में देरी के सवाल राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि 2021-22 में सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण तय करने के आदेश दिए थे, उस समय प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने कुछ किया नहीं। फिर जब 2024 में भाजपा की सरकार आई तो राजनीतिक आरक्षण के लिए ओबीसी आयोग बनाया। ओबीसी आयोग को प्रशासन के सहयोग से अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी के आंकड़े जुटाने थे।
















