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वर्ष 2012 से लंबित सफाई कर्मचारी अभ्यर्थियों की नियुक्ति का मामला, विधानसभा अध्‍यक्ष ने जल्‍द निराकरण के दिए निर्देश

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जयपुर Abhayindia.com राजस्‍थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अजमेर नगर निगम में वर्ष 2012 की सफाई कर्मचारी भर्ती में चयनित 180 अभ्यर्थियों की नियुक्ति के लंबित प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए इसके विधिसम्मत निराकरण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अभ्यर्थियों की लंबे समय से चली आ रही प्रतीक्षा तथा उनके परिवारों की आजीविका से जुड़े विषय को देखते हुए प्रकरण का मानवीय एवं सहानुभूतिपूर्वक परीक्षण करने की आवश्यकता बताई है।

वाल्मीकि महासभा अजमेर के अध्यक्ष अशोक कुमार लोट सहित समाज के लोगों ने शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से मुलाकात कर वर्ष 2012 की सफाई कर्मचारी भर्ती में चयनित 180 अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिलाए जाने का आग्रह किया। उन्होंने प्रकरण से संबंधित न्यायालयीन आदेशों एवं पूर्व में की गई कार्यवाहियों की जानकारी विधानसभा अध्यक्ष को दी।

उन्होंने बताया कि संबंधित अभ्यर्थियों के अनुभव प्रमाण-पत्रों तथा उनके द्वारा सफाई कार्य किए जाने के संबंध में नगर निगम स्तर पर आवश्यक जांच भी की गई। संबंधित स्वास्थ्य निरीक्षकों एवं ठेकेदारों द्वारा अभ्यर्थियों के अनुभव प्रमाण-पत्रों को सही पाया गया। इनमें से अधिकांश अभ्यर्थी पूर्व से ही अजमेर नगर निगम क्षेत्र में सफाई कार्य से जुड़े हुए हैं तथा वर्तमान में भी ठेका श्रमिक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

देवनानी ने विभाग के सचिव से कहा कि नगर निगम की 19 फरवरी 2020 को आयोजित साधारण सभा में भी संबंधित अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान किए जाने के संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके अतिरिक्त, उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार गठित समिति की 30 सितंबर 2023 को हुई बैठक में संबंधित अभ्यर्थियों से शपथ-पत्र प्राप्त कर उन्हें नियुक्ति प्रदान किए जाने के संबंध में निर्णय लिया गया था। इसके बावजूद नियुक्ति का प्रकरण अभी तक लंबित रहना गंभीर विषय है।

विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने प्रकरण की पूरी स्थिति को देखते हुए स्वायत्त शासन विभाग के सचिव से दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने कहा कि संबंधित अभ्यर्थियों द्वारा लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा की जा रही है और यह मामला अनेक परिवारों की आजीविका से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए न्यायालयों द्वारा पारित आदेशों तथा सक्षम स्तर पर पूर्व में की गई कार्यवाहियों एवं निर्णयों को ध्यान में रखते हुए प्रकरण का नियमानुसार एवं विधिसम्मत निराकरण किया जाना चाहिए।

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