जयपुर Abhayindia.com मुख्यमंत्री शिक्षा राजस्थान अभियान के तहत प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार एवं प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने बुधवार को सभी जिला शिक्षा अधिकारियों की वर्चुअल बैठक ली। बैठक में मिशन पढ़ो राजस्थान, नामांकन वृद्धि, ड्रॉपआउट नियंत्रण, विद्यालय सुधार, सुरक्षा एवं मासिक रैंकिंग सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अति. मुख्य सचिव ने मिशन पढ़ो राजस्थान के अंतर्गत संचालित रीडिंग प्रमोशन कैम्पेन की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभियान के तहत आयोजित रीड-ए-थॉन में लगभग 68 लाख लोगों की भागीदारी पर सभी जिलों एवं विद्यालयों को बधाई देते हुए प्रत्येक विद्यालय को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि मिशन पढ़ो राजस्थान अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 29 जुलाई को भरतपुर से किया था।
यादव ने रेड स्कूलों के लिए शिक्षा सेतु अभियान (स्कूल इम्प्रूवमेंट प्लान) को प्रभावी रूप से लागू करने पर बल देते हुए ‘एक शिक्षक-एक बच्चा’ अवधारणा को अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रधानाचार्य प्रत्येक शिक्षक को एक बच्चे की जिम्मेदारी सौंपे, शिक्षक उसके परिवार से संपर्क कर नामांकन सुनिश्चित करे तथा इसकी जानकारी शाला दर्पण पर अपलोड की जाए। जिला स्तर पर प्रगति की समीक्षा जिला कलेक्टर द्वारा की जाएगी तथा प्रत्येक नामांकन की निगरानी डैशबोर्ड के माध्यम से होगी। उन्होंने प्रारंभिक स्तर पर नामांकन एवं बच्चों के विद्यालय में ठहराव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए असुरक्षित एवं जर्जर घोषित विद्यालय भवनों को तत्काल ध्वस्त कराने तथा सभी संबलन टिकटों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में बताया गया कि अभियान के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों एवं विद्यालयों को चरणबद्ध रूप से सम्मानित किया जाएगा। प्रथम चरण में 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) तथा द्वितीय चरण में 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) पर राज्य स्तर के शीर्ष-5, जिला स्तर के शीर्ष-3 तथा ब्लॉक एवं जिला स्तर के सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों को सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रत्येक माह इनोवेटिव क्लासरूम वीडियो एवं सीबीए आधारित टॉप परफॉर्मिंग विद्यालयों के आधार पर 50 शिक्षकों को स्टार टीचर स्पॉटलाइट तथा 20 शिक्षकों को लीडरशिप डायलॉग के लिए चयनित किया जाएगा। साथ ही एक नई पहल के तहत विशेष अवसरों पर सभी शिक्षकों को आभार संदेश भी प्रेषित किए जाएंगे।
बैठक में वर्तमान शैक्षणिक सत्र में 73 लाख नामांकन होने पर सभी विद्यालयों एवं शिक्षा अधिकारियों को बधाई देते हुए यादव ने कहा कि यह पिछले सत्र की तुलना में 50 हजार से अधिक की वृद्धि है। उन्होंने नामांकन वृद्धि में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बांसवाड़ा, उदयपुर, जालोर, बाड़मेर और सिरोही जिलों की सराहना की तथा सभी जिलों को ड्रॉपआउट कम करने, शिक्षा से वंचित प्रत्येक बच्चे को मुख्यधारा से जोड़ने और आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आगामी दो से तीन दिनों में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों का निरीक्षण कर उसकी प्रविष्टि शिक्षक संबलन ऐप पर दर्ज करने के निर्देश भी दिए।
अति. मुख्य सचिव ने बताया कि अगस्त माह से प्रत्येक माह 6 मापदंडों के आधार पर जिलों की रैंकिंग जारी की जाएगी, जिसे प्रत्येक माह की 5 तारीख को शाला दर्पण पर लाइव किया जाएगा। कुल 100 अंकों की इस रैंकिंग में शैक्षणिक गुणवत्ता के 45 अंक, गवर्नेंस के 45 अंक तथा आधारभूत संरचना के 10 अंक निर्धारित किए गए हैं। प्रत्येक माह जिला कलेक्टर इसकी समीक्षा करेंगे, जिससे जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से शैक्षणिक परिणामों में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
















