राजस्‍थान में बीजेपी का विधानसभा कूच, रास्‍ते में पुलिस से भिड़े कार्यकर्त्‍ता, चतुर्वेदी का हाथ टूटा, पूनिया हिरासत में…

जयपुर Abhayindia.com प्रदेश में लम्‍पी, महंगी बिजली, किसानों की कर्जमाफी, महिला अत्‍याचार और अन्‍य मुद्दों को लेकर विधानसभा को घेरने जा रहे भाजपा के कार्यकर्ता पुलिस से भिड़ गए। जयपुर के सहकार मार्ग पर कार्यकर्ताओं ने पुलिस की बैरिकेडिंग भी तोड़ दी। इस बीच, बैरिकेडिंग पर चढ़े भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया को पुलिसवालों ने धक्का मार दिया। जिससे वे नीचे गिर गए। बाद में उन्‍हें हिरासत में ले लिया गया। प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री अरुण चतुर्वेदी का हाथ टूट गया।

आपको बता दें कि भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष पूनिया के साथ भाजपा नेताओं और कार्यकर्ता दोपहर करीब बारह बजे पार्टी मुख्यालय से विधानसभा की ओर निकले। रास्ते में पुलिस ने इन्हें आगे बढने से रोका तो कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धकका-मुक्की हो गई। पार्टी नेता बैरीकैडिंग हटाने के लिए उस पर चढ़ भी गए। कार्यकर्ता गहलोत सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। बाइस गोदाम के आगे सहकार मार्ग पर पुलिस इन्हें रोकने का प्रयास किया। प्रदेशाध्यक्ष पूनिया ने भी बैरीकैडिग पर चढने की कोशिश की तो पुलिस ने इन्हें लाठीचार्ज की चेतावनी दे दी। इस बीच पूनिया सहित अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने आरोप लगाया कि राज्य की कांग्रेस सरकार सदन से भी और धरातल से भी भागना चाह रही है, लेकिन राजस्थान की जनता और प्रतिपक्ष उनको भागने नहीं देगाl इस समय जो यक्ष प्रश्न है, जो ज्वलंत मुद्दा है वह लंपी का है, राजस्थान के गोवंश को बड़ा भारी नुकसान हुआ है, सरकार का आंकड़ा 10 लाख गायों के संक्रमित होने का और 57 हजार के आसपास काल कलवित होने का है लेकिन जो हकीकत है वह इसके इतर है, 30 लाख से भी अधिक गाय संक्रमित हुई और 10 लाख से अधिक गोवंश को नुकसान हुआ है, यह सीधे-सीधे सरकार की संवेदनहीनता का प्रमाण हैl
उन्होंने कहा कि राजस्थान को छोड़कर इसके जो पड़ोसी राज्य हैं, चाहे हरियाणा हो, गुजरात हो, उत्तर प्रदेश हो उन्होंने बहुत सही तरीके से सही समय पर इस आपदा से निपटने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए और वह सफल भी हुए। पूनिया ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन दो से तीन लाख का टीकाकरण किया जा रहा है, इसी तरीके से उन्होंने बहुत पहले से ही शेल्टर्स बनाए, आइसोलेशन बनाए, टीकाकरण किया जा रहा है, पशुधन सहायकों की नियुक्तियां की, तीनों ही पड़ोसी प्रदेशों में बहुत अच्छे तरीके से प्रबंधन कर गोवंश को बचाया जा रहा है, अब काफी हालात वहां काबू में हैं