जयपुर Abhayindia.com ‘2047 तक सभी के लिए बीमा’ का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए राज्य में प्रशासनिक तंत्र ने तैयारियां शुरू कर दी है। इस सम्बंध में बुधवार को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) चैयरमैन अजय सेठ के बीच शासन सचिवालय में महत्वपूर्ण बैठक हुई और इस लक्ष्य को प्राप्त करने की रणनीति पर मंथन हुआ। बैठक में वित्त (व्यय) सचिव डॉ. टीना सोनी भी उपस्थित रही। बैठक में असंगठित और वंचित वर्गों के बीच बीमा की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत दुर्घटना एवं जीवन बीमा कवरेज के विस्तार पर चर्चा हुई। दोनों ने स्वास्थ्य दावों के इंटरऑपरेबिलिटी, पारदर्शिता और दक्षता में सुधार के लिए आरजीएचएस को राष्ट्रीय स्वास्थ्य दावा विनिमय के साथ एकीकृत करने की संभावना पर भी विचार-विमर्श किया । राज्य भर में वाणिज्यिक वाहनों के लिए थर्ड-पार्टी बीमा कवरेज अनिवार्य करने के उपायों पर भी चर्चा की गई।
मुख्य सचिव और आईआरडीएआई अध्यक्ष ने मोटर वाहन दुर्घटना दावों के लम्बित मामलों का लोक अदालतों के माध्यम से त्वरित निस्तारण करने की सम्भावना पर विचार किया जिससे दावेदारों को समय पर राहत मिल सके। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बुधवार को हुई इस बैठक में लिए निर्णयों को लागू करने के लिए राज्य बीमा एवं साधारण प्रावधायी निधि विभाग शीघ्र ही सम्बंधित विभागों, एजेन्सियों और अन्य स्टेकहोल्डर्स की बैठक आयोजित करेगा। इस बैठक में मुख्य सचिव, अध्यक्ष (इरडा), राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा परिवहन विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, एसआईपीएफ निदेशक, अतिरिक्त महानिदेशक (यातायात), अस्पताल संघों के प्रतिनिधि और राजस्थान के प्रमुख बीमा प्रदाताओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे।













