बीकानेर Abhayindia.com इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) के सीआईएपी प्रेसिडेंशियल एक्शन प्लान-2026 के अंतर्गत बीकानेर पीडियाट्रिक सोसायटी द्वारा 2 अगस्त 2026 को “ए टू ज़ेड पीडियाट्रिक न्यूट्रिशन मॉड्यूल” का आयोजन किया जाएगा। यह वैज्ञानिक कार्यक्रम सागर होटल, लालगढ़ परिसर, बीकानेर में आयोजित होगा, जिसमें प्रदेश एवं देश के प्रतिष्ठित शिशु रोग विशेषज्ञ बाल पोषण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर अपने अनुभव साझा करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य नवजात से किशोरावस्था तक बच्चों के समग्र पोषण, स्तनपान, अनुपूरक आहार, विशेष परिस्थितियों में पोषण तथा बाल स्वास्थ्य से जुड़े नवीनतम वैज्ञानिक दृष्टिकोणों पर चिकित्सकों का ज्ञानवर्धन करना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 12 बजे परिचय एवं विषय-परिचर्चा से होगा। इसके बाद डॉ. श्याम अग्रवाल द्वारा स्तनपान,” आईएपी अध्यक्ष डॉ. नीलम मोहन द्वारा अनुपूरक आहार, डॉ. गौरव गोम्बर द्वारा किशोरावस्था में पोषण, डॉ. जी. एस. तंवर द्वारा 3 से 10 वर्ष आयु के बच्चों का पोषण तथा डॉ. मोहित वोहरा द्वारा विशेष परिस्थितियों में पोषण विषयों पर व्याख्यान दिए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान ई-पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता, इंटरएक्टिव चर्चा एवं प्रश्नोत्तर सत्र, तथा समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरण भी किया जाएगा। कार्यक्रम को राजस्थान मेडिकल काउंसिल के क्रेडिट आवर्स भी प्रदान किए गए हैं, जिससे चिकित्सकों को सतत चिकित्सा शिक्षा का लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर देश के प्रतिष्ठित शिशु रोग विशेषज्ञों में डॉ. नीलम मोहन (गुरुग्राम, आईपी अध्यक्ष), डॉ. गौरव यादव (उदयपुर), डॉ. मोहित वोहरा (जयपुर), डॉ. जी. एस. तंवर (बीकानेर), डॉ. गौरव गोम्बर (बीकानेर), डॉ. श्याम अग्रवाल (बीकानेर) तथा डॉ. सारिका स्वामी (बीकानेर) फैकल्टी के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम के सफल आयोजन की जिम्मेदारी बीकानेर पीडियाट्रिक सोसायटी की आयोजन समिति निभा रही है। आयोजन में डॉ. विष्णु कुमार पंसारी (ईबी सीआईएपी 2026, राजस्थान), डॉ. बी.एल. मेघवाल, डॉ. अनुराग तोमर, डॉ. रेनू अग्रवाल (अध्यक्ष), डॉ. जी. एस. तंवर (सचिव), डॉ. एल.सी. बालिद (कोषाध्यक्ष) तथा डॉ. सौरभ पुरोहित (मॉड्यूल समन्वयक) की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। आयोजकों ने बताया कि यह मॉड्यूल बाल पोषण के क्षेत्र में कार्यरत चिकित्सकों के लिए नवीनतम वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ बेहतर उपचार एवं पोषण प्रबंधन की दिशा में उपयोगी सिद्ध होगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिशु रोग विशेषज्ञों एवं बाल स्वास्थ्य से जुड़े चिकित्सकों के भाग लेने की संभावना है।













