







बीकानेर Abhayindia.com बीकानेर नगर निगम के महापौर पद के लिए सियासी घमासान अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। कल 21 सितंबर को सुबह मतदान होगा और शाम तक साफ हो जाएगा कि बीकानेर के नगर निगम पर किसका बोर्ड बैठेगा।
दोनों दलों के बड़े दावे, आंकड़ों का अपना गणित
भले ही कांग्रेस के पास 42 पार्षदों के साथ स्पष्ट बहुमत हो, लेकिन दोनों ही पार्टियां बड़े-बड़े दावे कर रही हैं।
कांग्रेस का दावा- 45 प्लस : कांग्रेस प्रत्याशी अनिल कल्ला का कहना है कि उनके सभी पार्षद एकजुट हैं। कांग्रेस को भरोसा है कि 42 के साथ-साथ 3-4 निर्दलीय भी उन्हें वोट करेंगे और वे बहुमत से ज्यादा मत हासिल करेंगे।
भाजपा का दावा- 51 प्लस : भाजपा के पास अपने 27 पार्षद हैं और वह 8 निर्दलीयों के समर्थन का दावा कर रही है, जिससे उनका आंकड़ा 35 होता है। लेकिन भाजपा प्रत्याशी डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत का दावा है कि “सभी पार्षद अंतरात्मा की आवाज सुनेंगे” और कांग्रेस में बड़ी सेंधमारी होगी। इसी सेंधमारी के दम पर वे 51 प्लस का आंकड़ा पार करने का दावा कर रहे हैं।
असल खेल- सेंधमारी बनाम एकजुटता
कांग्रेस का पूरा दारोमदार अपने 42 पार्षदों को एकजुट रखने पर है, जिसके लिए उसने जैसलमेर में बाड़ेबंदी कर रखी है। वहीं भाजपा को भरोसा है कि कांग्रेस के कई पार्षद विकास और नए विजन के नाम पर उनके पक्ष में क्रॉस वोटिंग करेंगे।
भाजपा के लिए राजेंद्र राठौड़ जैसे रणनीतिकार की एंट्री और 8 निर्दलीयों की तस्वीर तुरुप का इक्का है, तो कांग्रेस के लिए 42 का स्पष्ट बहुमत और संगठन की एकजुटता। कल का मतदान सिर्फ मेयर का चुनाव नहीं, बल्कि दावों, वादों और रणनीतियों की असली परीक्षा है। 51 प्लस होगा या 45 प्लस, इसका फैसला कल शाम तक हो जाएगा।







