Hometrendingबीकानेर मेयर चुनाव से पहले भाजपा का ब्रह्मास्त्र! चाणक्य राजेंद्र राठौड़ की...

बीकानेर मेयर चुनाव से पहले भाजपा का ब्रह्मास्त्र! चाणक्य राजेंद्र राठौड़ की एंट्री से गरमाई सियासत

AdAdAdAdAdAdAdAd

बीकानेर Abhayindia.com महापौर चुनाव से ठीक 24 घंटे पहले बीकानेर की सियासत में सबसे बड़ी एंट्री हुई है। भाजपा के सबसे मंजे हुए रणनीतिकार और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने बीकानेर में डेरा डाल दिया है। उनकी एंट्री के साथ ही मेयर चुनाव की लड़ाई अब और दिलचस्प हो गई है।

21 को मतदान, दो दिग्गज आमने-सामने

कल 21 सितंबर को नगर निगम के 80 वार्डों के पार्षद महापौर चुनेंगे। मैदान में कांग्रेस से अनिल कल्ला और भाजपा से डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत आमने-सामने हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो कांग्रेस 42 पार्षदों के साथ स्पष्ट बहुमत में है, जबकि भाजपा के पास 27 पार्षद हैं और 10 निर्दलीय किंगमेकर की भूमिका में हैं। भाजपा 8 निर्दलीयों के समर्थन का दावा कर रही है।

राठौड़ की एंट्री क्यों है गेमचेंजर?

राजेंद्र राठौड़ को यूं ही राजस्थान की राजनीति का चाणक्य नहीं कहा जाता। जोड़-तोड़, बाड़ेबंदी तोड़ने और आखिरी वक्त पर पासा पलटने में उनका कोई सानी नहीं है। इससे पहले भी कई निकाय चुनावों में उन्होंने भाजपा के पक्ष में बाजी पलटी है। सूत्रों के अनुसार, राठौड़ के बीकानेर पहुंचते ही उन्होंने भाजपा के कोर ग्रुप, स्थानीय नेताओं और निर्दलीय पार्षदों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। उनकी मौजूदगी से भाजपा खेमे में नया जोश आ गया है।

कांग्रेस की 42 की किलेबंदी 
बनाम राठौड़ की रणनीति

कांग्रेस ने अपने 42 पार्षदों को जैसलमेर में सुरक्षित बाड़ेबंदी में रखा है, विधायक सुशीला डूडी वहां एकजुटता का मंत्र दे रही हैं। लेकिन राठौड़ की एंट्री ने कांग्रेस की टेंशन बढ़ा दी है। अब कांग्रेस को डर है कि कहीं आखिरी रात में कोई बड़ा खेल न हो जाए।

एक तरफ 42 का बहुमत, दूसरी तरफ भाजपा का पूरा जोर और राठौड़ की रणनीति… अब सबकी नजर कल के मतदान पर है। क्या कांग्रेस अपने 42 के आंकड़े को बचाकर अनिल कल्ला को मेयर बना पाएगी या राजेंद्र राठौड़ एक बार फिर अपने चाणक्य दांव से भाजपा का बोर्ड बनवा देंगे?

AdAdAdAdAd
- Advertisment -

Most Popular