







बीकानेर Abhayindia.com सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर के सभागार में शनिवार को महर्षि दधीचि जयंती के अवसर पर भव्य एवं गरिमामय समारोह आयोजित किया गया। एनाटॉमी विभाग एवं अखिल भारतीय दाधीच फाउंडेशन, बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में देहदान को महादान के रूप में प्रोत्साहित करते हुए देहदानियों के परिजनों, सामाजिक संस्थाओं, प्रेरकों, चिकित्सकों एवं रेजीडेंट्स को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ शिवबाड़ी मठ के महंत स्वामी विमर्शानंद गिरी महाराज, अग्नि अखाड़ा के स्वामी वसुन्दरानन्द महाराज, संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा, मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. सुरेन्द्र कुमार, पीबीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया, अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉ. रेखा आचार्य, एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश मणि तथा अखिल भारतीय दाधीच फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार दाधीच ने दीप प्रज्वलित कर किया। पंडित अशोक जोशी के मंत्रोच्चार के बीच महर्षि दधीचि के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई।
समारोह में उन परिवारों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने प्रियजनों के देहदान के माध्यम से चिकित्सा शिक्षा और मानव सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सुरेश बाला शर्मा, जयप्रकाश जोशी, चेतन प्रकाश चौधरी सेठिया, जमना लाल स्वामी, रमेश कुमार लुधानी, नवरतन कुमार वैद्य, अश्वनी कुमार धई, मोहन लाल गर्ग एवं किशन सिंह चंदेल के परिजनों को माल्यार्पण, अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न एवं महर्षि दधीचि की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया गया।
समारोह में देहदान एवं समाजसेवा के क्षेत्र में जागरूकता फैलाने वाली सर्व मानव कल्याण समिति, महावीर इंटरनेशनल बीकानेर और भारत विकास परिषद मीरा शाखा सहित विभिन्न प्रेरक व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया। इनमें डॉ. जे.के. खत्री, नरेन्द्र पारीक, मोहन लाल व्यास, प्रवीण चावला, डॉ. दीप्ति वाहल, शशि चुग, रितु मित्तल, विनय थानवी, अरविंद बहड़, कल्याणराम सुथार एवं भरत झांब शामिल रहे।
दाधीच फाउंडेशन की ओर से डॉ. जसकरण सिंह, डॉ. गरिमा, डॉ. कविता, डॉ. रेखा, डॉ. निर्मला, डॉ. गीता, डॉ. के.आर. मीणा, डॉ. भव्या, डॉ. सुरेन्द्र सहित करीब 20 चिकित्सकों एवं रेजीडेंट्स का भी सम्मान किया गया।
मुख्य अतिथि स्वामी विमर्शानंद गिरी महाराज ने कहा कि महर्षि दधीचि का त्याग सनातन संस्कृति और लोक कल्याण का सर्वोच्च आदर्श है। उन्होंने कहा कि सच्चा जीवन वही है, जो समाज और मानवता के लिए समर्पित हो। स्वामी वसुन्दरानन्द महाराज ने कहा कि दधीचि जयंती केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि महर्षि दधीचि के महान त्याग और सेवा के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का अवसर है।
संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा ने महर्षि दधीचि के निःस्वार्थ त्याग को संपूर्ण समाज के लिए एक महान प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि देहदान मानव सेवा का सर्वोत्कृष्ट रूप है, जो चिकित्सा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में अमूल्य योगदान देता है। मेडिकल कॉलेज द्वारा प्रतिवर्ष देहदानियों के परिजनों को सम्मानित करने की यह पहल अत्यंत सराहनीय एवं अनुकरणीय है। ऐसे आयोजनों से आमजन में जागरूकता बढ़ती है और अधिक से अधिक लोग समाज हित में देहदान के लिए प्रेरित होते हैं।
मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. सुरेन्द्र कुमार, पीबीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया, अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉ. रेखा आचार्य एवं एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश मणि ने भी महर्षि दधीचि के जीवन और उनके त्याग को मानव सेवा की प्रेरणा बताया।
देहदान के नोडल अधिकारी डॉ. जसकरण सिंह ने बताया कि इस वर्ष सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज को 9 देह प्राप्त हुई हैं। वहीं एनाटॉमी विभाग में अब तक 600 से अधिक जागरूक नागरिक देहदान के लिए संकल्प पत्र भर चुके हैं। उन्होंने कहा कि देहदान से मेडिकल विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना का वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक अध्ययन करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है।
कार्यक्रम में कवि शिव दाधीच ने काव्य पाठ के माध्यम से महर्षि दधीचि के त्याग एवं सेवाभावी व्यक्तित्वों को नमन किया। मंच संचालन साहित्यकार जुगल किशोर पुरोहित एवं कवि शिव दाधीच ने संयुक्त रूप से किया। समारोह में मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, चिकित्सक, रेजीडेंट, कर्मचारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।







