






वर्ल्ड डेस्क Abhayindia.com अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का एक पखवाड़ा बीत गया है, लेकिन थमने का नाम नहीं ले रहा। (Israel) के हमले जारी हैं। इस युद्ध के चलते मिडिल ईस्ट में हालात काफी गंभीर हो गए हैं। ईरान जवाबी कार्रवाई करते हुए इज़रायल और मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले कर रहा है। इस बीच, इस युद्ध से दुनियाभर में तेल-गैस का संकट भी पैदा हो गया है। होर्मुज स्ट्रेट से कुछ चुनिंदा जहाजों को ही गुज़रने दिया जा रहा है। इनमें भारत के जहाज भी शामिल हैं। युद्ध के बीच अब ईरान होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते होने वाले व्यापार के विषय में बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट से अभी तक सभी व्यापार अमेरिकी डॉलर में होता आया है। हालांकि अब ईरान इसे बदलने पर विचार कर रहा है। ईरान का प्लान है कि होर्मुज स्ट्रेट से तेल और गैस के जहाज़ों को तभी गुज़रने दिया जाएगा जब भुगतान चाइनीज़ युआन में किया जाए। इससे इस रास्ते ज़्यादातर व्यापार में अमेरिकी डॉलर का इस्तेमाल बंद हो जाएगा। ईरान के इस कदम से ट्रंप के होश उड़ना तय माना जा रहा है। वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर का दबदबा है और ज़्यादातर वैश्विक व्यापार अमेरिकी डॉलर में ही होता है। अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के ज़रिए होने वाले व्यापार के लिए डॉलर के इस्तेमाल को बंद कर दिया, तो डॉलर को झटका लगेगा। साथ ही चाइनीज़ युआन का इस्तेमाल बढ़ेगा। इससे ट्रंप बिल्कुल खुश नहीं होंगे, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का कंट्रोल होने से वह कुछ नहीं कर पाएंगे।


