






बीकानेर Abhayindia.com भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र (एनआरसीसी), बीकानेर द्वारा ‘मेरा गांव मेरा गौरव’ (एमजीएमजी) कार्यक्रम के अंतर्गत आज बीकानेर जिले के जोड़बीड़ ग्रामीण क्षेत्र में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की मुहिम ‘मृदा स्वास्थ्य एवं संतुलित उर्वरक उपयोग’ जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत किसानों को मृदा संरक्षण, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, टिकाऊ कृषि पद्धतियों तथा वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर लगभग 50 किसानों ने सहभागिता निभाई, जिसमें महिला किसानों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और अधिक सार्थक बनाया।
इस अवसर पर केन्द्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. राकेश रंजन ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि परिषद की यह जागरूकता मुहिम किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा वैज्ञानिक खेती की समग्र जानकारी देकर टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि की मजबूत आधारशिला तैयार कर रही है।
इस अवसर पर केन्द्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक (एग्रोनॉमी) एवं नोडल अधिकारी (एमजीएमजी) डॉ. प्रियंका गौतम ने विषयगत जानकारी देते हुए किसानों को आवश्यकता आधारित उर्वरक उपयोग, उपयुक्त फसल चयन, फसल चक्र अपनाने तथा मृदा पोषण प्रबंधन के माध्यम से कृषि उत्पादन में सुधार हेतु व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया।
केन्द्र निदेशक डॉ. अनिल कुमार पूनिया ने वैज्ञानिकों के माध्यम से किसानों तक अपना संदेश पहुंचाते हुए कहा कि परिषद के एमजीएमजी कार्यक्रम के अंतर्गत “संतुलित उर्वरक उपयोग” अभियान द्वारा किसानों के द्वार तक खेती से जुड़ी आधारभूत एवं उपयोगी वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाकर उनकी आजीविका को सशक्त, कृषि को अधिक लाभकारी तथा देश को आत्मनिर्भरता की दिशा में और अधिक मजबूत बनाने का सतत प्रयास किया जा रहा है।
केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. श्याम सुंदर चौधरी ने कार्यक्रम के आयोजन, समन्वय एवं किसानों तक वैज्ञानिक जानकारी के प्रभावी संप्रेषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं श्री मनजीत सिंह, सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी ने जागरूकता अभियान कार्यक्रम से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में सहयोग प्रदान किया। जोड़बीड़ ग्रामीण क्षेत्र के किसानों ने इस ज्ञानवर्धक एवं कृषि लाभकारिता से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम के आयोजन हेतु एनआरसीसी के प्रति आभार व्यक्त किया।


