






बीकानेर Abhayindia.com शिक्षा विभागीय कर्मचारी संध राजस्थान.बीकानेर के प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य ने शिक्षा निदेशालय में कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के क्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केन्द्रीय कानून मंत्री, मुख्य सचिव, कार्मिक सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा एवं शिक्षा निदेशक को ईमेल से ज्ञापन भेज कर निदेशालय में मूलभूत सुविधाओं की कमी उजागर करने, कार्यालय समय से पूर्व एवं पश्चात तथा अवकाश के दौरान भी निदेशालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा कार्य करने के तथ्यों को भी रिपोर्ट में शामिल करने की मांग की है।
आचार्य ने बताया कि ज्ञापन में स्पष्ट रूप से लिखा गया है प्रशासनिक सुथार विभाग द्वारा किये गये औचित्य निरीक्षण कर उपस्थिति रजिस्टरों का अवलोकन करने पर स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हैं। लेकिन प्रशासनिक सुथार विभाग से निवेदन भी है कि स्टेट लेवल के विभाग में औचित्य निरीक्षण आप द्वारा उपस्थिति रजिस्टरों का अवलोकन किया गया जबकि विभाग में कर्मचारी रात को 10-10 बजे तक एवं अवकाश के दिन भी कार्यालय में काम करते हैं। जिसका अवलोकन नहीं किया गया, ना ही दर्शाया गया है एवं विभाग में मूलभुत सुविधाऐं भी उपलब्ध नहीं है जिसका भी निरीक्षण में उल्लेख नहीं किया गया है। क्या प्रशासनिक सुधार विभाग मात्र उपस्थितियों का ही अवलोकन करने का कार्य रह गया है? जबकि विभाग में बहुत सी कमियां हैं उनकी तरफ किसी प्रकार का उच्च स्तर पर ध्यान नहीं दिया जाता और ना ही मूलभुत सुविधाओं की तरफ ध्यान दिया जाता है। जबकि संगठन द्वारा मूलभुत सुविधाऐं एवं ई.फाईल के माध्यम से जो पत्रावलियां जारी की जाती है वह आफिस समय के बाद भी एक.दूसरे को आदान.प्रदान की जाती है और राज्य सरकार का कार्य समय पर सम्पादित किया जाता है। उसके उपरान्त भी कर्मचारियों को उपस्थिति पंजिका का अवलोकन कर नोटिस देकर हैरेसमेंट किया जा रहा है।
आचार्य ने बताया कि ज्ञापन में मांग की गई है कि निदेशालय शिक्षा विभाग स्टेट लेवल का आफिस है यहां पुरे राजस्थान के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित होते हैं लेकिन मूलभुत सुविधाऐं ना होने के कारण आए हुए आगन्तुकों को पानी तक की व्यवस्था नहीं मिलती एवं विभाग में कार्यरत कार्मिकों के लिए गर्मी के मौसम में एयरकंडीशन कूलर वगैरह की भी सुविधा नहीं है एवं प्रत्येक अनुभाग में कर्मचारियों को अपनी जेब से पैसे देकर पानी की व्यवस्था की जाती है। अतः जिस प्रकार से उपस्थिति रजिस्टरों का अवलोकन किया जाता है एवं कार्मिकों को नोटिस दिया जाता है ठीक उसी प्रकार मूलभुत सुविधाऐं भी तत्काल उपलब्ध करवाई जाये एवं ई.फाईल से किये गये कार्य को कार्यालय समय बाद सम्पादित नहीं किया जाये एवं 6 बजे के बाद कोई भी कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित ना रहे। इस प्रकार के आदेश प्रसारित किए जाएं। मात्र खानापूर्ति के आधार पर उपस्थितियों का अवलोकन करना उचित नहीं है। संगठन पुरजोर मांग करता है कि शिक्षा निदेशालय में 6 बजे के बाद किसी प्रकार की ई-फाईल व कर्मचारी उपस्थित ना रहे और अवकाश के दिन किसी प्रकार के कर्मचारियों को कार्यालय में उपस्थित ना हो। उसके आदेश पारित कर संगठन को अवगत करवाया जाये। अन्यथा मजबूरन कोई संगठनात्मक कदम उठाये जायेंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी राजस्थान सरकार व शिक्षा विभाग की होगी।


