जयपुर Abhayindia.com कर चोरी, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी), अपात्र कर लाभ तथा अन्य कर अनियमितताओं के विरुद्ध चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान के तहत वाणिज्यिक कर विभाग ने राजसमंद, बाड़मेर, जयपुर, प्रतापगढ़ एवं जैसलमेर सहित विभिन्न जिलों में एक साथ सर्वे एवं जांच कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में कई मामलों में कर कानूनों के उल्लंघन, अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने तथा कर देयता कम दर्शाने जैसी अनियमितताएं सामने आई हैं।
राजसमंद जिले के कुंभलगढ़ स्थित ओशन रियलमार्ट प्राइवेट लिमिटेड में जांच के दौरान लगभग 45 लाख रुपये की कर अनियमितता चिन्हित हुई। कंपनी ने अपनी त्रुटि स्वीकार करते हुए 38.82 लाख रुपये के अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट को स्वेच्छा से वापस कर दिया जबकि मामले की विस्तृत जांच जारी है। बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना में शक्ति इन्फ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध की गई कार्रवाई में प्रारंभिक जांच के दौरान निरस्त जीएसटी पंजीकरण वाले आपूर्तिकर्ताओं से इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने तथा जीएसटी रिटर्न में कर देयता कम दर्शाने के संकेत मिले। इस मामले में लगभग 41 लाख रुपये की संभावित कर अनियमितता सामने आई है और विस्तृत जांच जारी है।
जयपुर के सिरसी क्षेत्र स्थित राज कंस्ट्रक्शंस कंपनी में जांच के दौरान पात्रता से अधिक इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने का मामला सामने आया। कार्रवाई के दौरान फर्म ने 17.80 लाख रुपये की कर राशि स्वेच्छा से जमा कराई जबकि शेष अभिलेखों की जांच जारी है। प्रतापगढ़ जिले के बामोतर स्थित इंद्रा सागर टारपॉलिन के विरुद्ध कार्रवाई में लगभग 7 लाख रुपये के अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट का मामला सामने आया। फर्म ने जांच के दौरान 6.10 लाख रुपये की राशि स्वेच्छा से जमा कराई।
वहीं, जैसलमेर में स्वागत ट्रेवल्स के विरुद्ध की गई सर्वे कार्रवाई में लगभग 30 लाख रुपये की संभावित कर अनियमितता चिन्हित की गई। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि फर्म द्वारा कर प्रावधानों के अनुरूप इनपुट टैक्स क्रेडिट का समुचित समायोजन नहीं किया गया। इस मामले में भी विस्तृत जांच जारी है। इन सभी मामलों में संबंधित करदाताओं के लेखा अभिलेखों, खरीद-बिक्री विवरण तथा अन्य दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ये कार्रवाईयां वाणिज्यिक कर विभाग की संबंधित जोनल टीमों द्वारा की गईं। वाणिज्यिक कर विभाग ने कहा है कि कर चोरी, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट, अपात्र कर लाभ तथा अन्य कर अनियमितताओं के विरुद्ध राज्यभर में अभियान लगातार जारी रहेगा तथा राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।













