









बीकानेर Abhayindia.com कोरोना काल में जन-जीवन के साथ ही परिवहन व्यवसाय भी प्रभावित हुआ है।
खासकर जीप,कार,टैक्सी चलाकर अपनी रोजी-रोटी कमाने वालों पर विपरित असर पड़ा है। ऐसे वाहन मालिकों और चालकों को राहत पहुंचाने के लिए राजस्थान प्रदेश जीप-कार-टैक्सी एकता यूनियन के पदाधिकारियों ने जिला कलक्टर के माध्यम से एक पत्र मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भेजा है। इसके माध्यम से अवगत कराया है कि कोरोना महामारी के चलते बीते सवा साल से लगी विभिन्न पाबंदियों के कारण कार-जीप-टैक्सी व्यवसाय ठप्प पड़ा है।
जिसके चलते टैक्सी मालिकों व चालकों की माली हालत खस्ता है। इस संंबंध में यूनियन पदाधिकारियों ने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों के जरिए मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रखने के लिए कहा लेकिन किसी भी अधिकारी ने समय नहीं दिया, इस कारण सीएम से भी मुलाकात नहीं हुई। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हीरालाल विश्नोई ने कहा कि सरकारी की तरफ से यदि कोई मदद नहीं मिल पाती है तो टैक्सी मालिकों व ड्राइवरों के परिवारों का पालन पोषण भी मुश्किल हो जाएगा।
यूनियन ने पत्र में नौसूत्री मांगें भी रखी हैं जिनमें उनके वाहनों की किस्तों को आगामी 12 माह के मोरटोरियम का लाभ देकर आगे बढ़ाने, बढ़ाए गए मोरटोरियम पर ब्याज माफ करने, टैक्सी करों पर जो 9 से 18 प्रतिशत ब्याज लिया जा रहा है उसे अधिकतम 6 प्रतिशत करने, टैक्सी कारों के परमिट को 2 वर्षों तक बढ़ाए जाने आदि की मांग की गई है।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ही कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है तो सभी संगठन सहमति अनुसार पूरे राजस्थान में अपने वाहनों की चाबियां आरटीओ विभाग को सौंप देंगे।
















