Sunday, June 21, 2026
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रामपुरिया कॉलेज में विशेष शिविर, महापौर ने कहा- स्वच्छ बीकाणा, समृद्ध बीकाणा का लें संकल्‍प

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बीकानेर Abhayindia.com किसी भी राष्ट्र के विकास में युवाओं की महती भूमिका होती है क्योंकि युवा शक्ति बहती नदियों की उस धारा की तरह है जिसे एक सच्चा शिक्षक सही दिशा एवं पहचान देकर उस शक्ति को राष्ट्र के विकास के लिए समर्पित करता है। यह विचार बीजेएस रामपुरिया जैन विधि कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना की दोनों इकाइयों के सात दिवसीय विशेष शिविर के उद्घाटन अवसर पर बीकानेर नगर निगम महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित ने व्‍यक्‍त किए।

महापौर ने राष्ट्रीय सेवा में एक शिक्षक की महती भूमिका का वर्णित करते हुए बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना से जुडे स्वंय सेवकों को अपने समय का इस प्रकार से विभाजन किया जाना चाहिए कि उसमें कुछ समय वह राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए रखे क्योंकि मनुष्य राष्ट्र ओर समाज से बहुत कुछ प्राप्त करता है इसलिए उसका यह नैतिक दायित्व भी बनता है कि वह राष्ट्र व समाज के लिए भी कुछ करें।

उन्होंने सेवा शब्द की व्याख्या की विवेकानन्द के जीवनी से सम्बन्धित महत्वपूर्ण प्रसंगों की चर्चा करते हुए स्वंयसेवकों को राष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्वंयसेवकों को संकल्प दिलाया कि वे रासेयो के प्रेरक वाक्य ’मैं नहीं तुम’ की सार्थकता को इस शिविर के माध्यम से प्राप्त करने की कोशिश करें। उन्होंने शिविर के सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं दी। इसके बाद उन्होंने महाविद्यालय परिसर केे बाहर सफाई कार्यक्रम की शुरूआत कर स्वच्छ बीकाणा समृद्ध बीकाणा की संकल्पना को साकार करने का संदेश दिया।

इस सात दिवसीय शिविर के उद्घाटन कार्यक्रम का शुभारम्भ महापौर सुशीला कंवर, राष्ट्रीय सेवा योजना के सम्भाग समन्वयक डॉ. एस. एन. जाटोलिया, एस. के भाटिया, डॉ. रीतेश व्यास ने मॉं सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित करके की।कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डॉ. एस. एन. जाटोलिया ने स्वयंसेवकों को कहा कि जिस राष्ट्र का युवा जागृत और देश प्रेम की भावना लिए हुए होगा वही राष्ट्र प्रगति कर सकता है। उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि विधि विद्यार्थी होने के नाते उनका कर्तव्य है कि वे लोगों में विधिक सहायता तथा विधिक चेतना जागृत करने के लिए भी कार्य करे।

स्वागतीय उद्बोधन में महाविद्यालय के व्याख्याता डॉ. रीतेश व्यास ने अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय की रासेयो इकाइयों के स्वर्णिम इतिहास की जानकारी देते हुए स्वयंसेवकों को गोद लिए गांव में निस्वार्थ भाव से सेवा कार्य करने के लिए प्रेरित किया और कहा कि रासेयो न सिर्फ एक योजना है बल्कि यह स्वयंसेवकों के व्यक्तित्व निर्माण का एक अच्छा अवसर है। रासेयो के प्रभारी डॉ. शराफत अली ने सात दिवसीय शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए तथा शिविर के मुख्य उद्देश्‍य-शिक्षा पर्यावरण एवं जागृति पर आगामी कार्ययोजनाओं के बारे में बताया। रासेयो कार्यक्रम अधिकारी डॉ शराफत अली ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन रासेयो कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रीति कोचर ने किया।

उद्घाटन कार्यक्रम के पश्चात द्वितीय सत्र में श्रमदान कार्य के अन्तर्गत स्वयंसेवकों ने महाविद्यालय परिसर उद्यानों में स्थित कंटीली झाडियों तथा खरपतवार को हटाया तथा परिसर की साफ-सफाई की। इसके पश्चात स्वयंसेवकों द्वारा भोजनावकाश के पश्चात तृतीय सत्र में आगामी 6 दिवस में किए जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विचार विमर्ष किया और सांस्कृतिक कार्यक्रम के द्वारा दिन का समापन किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरिष्ठ व्याख्याता एसके भाटिया, डॉ. बालमुकुन्द व्यास, डॉ. पीयूष किराडू, सुनीता लूणिया, महिमा गहलोत, पवन सारस्वत भी कार्यक्रम में उपस्थित रहकर स्वंयसेवकों को प्रेरित किया।

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