बीकानेर में पंचायत चुनाव : हो जाए सावधान! नहीं तो हो जाएगी 6 माह की सजा…

Namit Mehta Collector Bikaner

बीकानेर, 18 सितम्बर। जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला निर्वाचन अधिकारी नमित मेहता ने पंचायत चुनाव के संदर्भ में एक आदेश जारी कर सभी प्रिंटिंग प्रेस के मालिकों और प्रत्याशियों को निर्देश दिए हैं कि बगैर संपूर्ण औपचारिकताएं पूरी किए कोई भी प्रिंटिंग प्रेस का प्रबंधक पंच व सरपंच चुनाव से जुड़े पैंपलेट, पोस्टर आदि नहीं छापे, जब तक कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी सभी निर्देशों की पालना उम्मीदवार या उसके प्रतिनिधि के द्वारा नहीं की जाती है।

कोई व्यक्ति इसका उल्लंघन करता है तो वह 6 महीने का कारावास अथवा 2 हजार रूपए जुर्माना अथवा दोनों से दण्डित होगा। मेहता ने यह आदेश जिले में पंचायती राज आम चुनाव 2020 के मद्देनजर जारी किए हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि ग्राम पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों या उनके समर्थकों द्वारा प्रकाशित करवाए जाने वाले पम्पलेट (पर्चे), पोस्टर, विज्ञापन अथवा हैण्डबिल प्रकाशित या मुद्रित करवाते हुए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करनी होगी।

उन्होंने बताया कि पम्पलेट (पर्चे) और पोस्टर के मुख्य पृष्ठ पर मुद्रक एवं इसके प्रकाशक का नाम और पता अनिवार्य रूप से लिखवाना होगा। कोई भी व्यक्ति किसी निर्वाचन पम्पलेट (पर्चे) अथवा पोस्टर का मुद्रण तब तक नहीं करे अथवा करवा सकेगा जब तक कि प्रकाशक की पहचान की घोषणा उसके द्वारा हस्ताक्षरित तथा दो व्यक्ति जो उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते हो द्वारा सत्यापित न करवाया जावे। सत्यापन के पश्चात मुद्रक को इसकी दो प्रतिलिपि देनी होगी। दस्तावेज के प्रकाशन के पश्चात मुद्रक इसकी एक प्रति तथा घोषणा पत्र की एक प्रति जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रस्तुत करेगा।

उल्लंघन पर होगी 6 माह की सजा

मेहता ने कहा कि कोई व्यक्ति इसका उल्लंघन करता है तो वह 6 महीने का कारावास अथवा 2 हजार रूपए जुर्माना अथवा दोनों से दण्डित होगा। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान धर्म, वंश, जाति, समुदाय, भाषा या विरोधी के चरित्र हनन जैसे आधार पर अपील जैसी अवैध सामग्री प्रकाशित करवाई जाती है, तो सम्बन्धित व्यक्तियों के विरूद्ध आवश्यक दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। साथ ही ये अभ्यर्थियों तथा उनके समर्थकों द्वारा निर्वाचन पम्पलेटों (पर्चों), पोस्टरों आदि के मुद्रण और प्रकाशन पर हुए अनाधिकृत व्यय पर रोक लगाने में सहायक होंगे।

तीन दिनों में भेजनी होगी मुद्रित प्रतियां

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रिंटिंग प्रेसों को मुद्रण सामग्री मुद्रित होने के तीन दिन के भीतर प्रतियां तथा प्रकाशक से प्राप्त घोषणा पत्र भेजना होगा। यदि इन आदेशों का उल्लंघन पाया जाता है तो उस पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी तथा प्रिंटिंग प्रेस के लाइसेंस का प्रतिसंहरण भी किया जा सकेगा। जिला मजिस्ट्रेट को प्रतियां प्राप्त होने के बाद इस बात की जांच की जाएगी कि प्रकाशक या प्रिंटर द्वारा सभी आदेशों की अनुपालना की है अथवा नहीं। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग ने अभ्यर्थियों और अन्य सम्बन्धित लोगों से इन आदेशों की शत प्रतिशत पालना के निर्देश दिए हैं।

निर्वाचन पैंपलेटों या पोस्टर से तात्पर्य- जिला निर्वाचन अधिकारी मेहता ने बताया कि निर्वाचन पैम्पलेटों या पोस्टर से तात्पर्य किसी मुद्रित निर्वाचन पैम्पलेट, हैण्डबिल या अन्य दस्तावेज से है, जो किसी अभ्यर्थी या उनके समूह के निर्वाचन को प्रोत्साहित करने या पक्षपात, प्रतिकूल करने के लिए वितरित किया जाए। साथ ही ऐसा कोई इस्तहार या पोस्टर जिसमें निर्वाचन का कोई संदर्भ हो, निर्वाचन पैंम्पलेटों या पोस्टर की श्रेणी में आता है।

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