जयपुर Abhayindia.com राजस्थान में प्रवर्त्तन निदेशालय (ईडी) की पेपर लीक मामले में जांच चल रही है। बताया जा रहा है कि ईडी करीब दो दर्जन से अधिक ठिकानों पर जांच की कार्रवाई कर रही है। इस बीच, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग (आईटी) व राजकॉम्प में भी कथित भ्रष्टाचार की जांच की मांग ईडी से कराने की मांग उठ रही है। आपको बता दें कि ईडी की अब तक जांच में आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा, पेपर लीक मामले में फरार चल रहे सुरेश ढाका और सुरेश बिश्नोई के ठिकानों से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। इसके अलावा ईडी की टीम उनके बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन भी खंगाल रही हैं।
आपको यह भी बता दें कि भाजपा के राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने पेपर लीक के अलावा सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग (आईटी) व राजकॉम्प में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया है। उनका दावा है कि इन दो महकमों में 5 हज़ार करोड़ का घोटाला हुआ है।
सांसद मीणा ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस करके सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग (आईटी) व राजकॉम्प में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, तो वहीं तय कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को वे जयपुर स्थित ईडी के दफ्तर पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज करवाई। सांसद ने ईडी अफसरों को इन प्रकरणों से जुड़े तमाम पहलुओं पर अपना पक्ष रखा, साथ ही कुछ संबंधित दस्तावेज़ भी पेश किये। सांसद ने ईडी अफसरों से इस प्रकरण को गंभीर मानकर हस्तक्षेप करने की मांग की और इस शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भी आग्रह किया।
मीणा ने कहा कि गहलोत ने सत्ताधारी दल के प्रत्येक एमएलए को संबंधित विधानसभा क्षेत्र का मुख्यमंत्री बना दिया है। इनके विधायक और मंत्रियों के साथ ब्यूरोक्रेसी में जो तनाव चल रहा है।
उन्होंने राजस्थान में ईडी की एंट्री को जायज बताया। उन्होंने कहा कि ईडी के पास कई बड़े अधिकारियों और राजनेताओं के नाम है। एसओजी के जांच अधिकारी भी ईडी की जांच की जद में आएंगे।













