Tuesday, June 16, 2026
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राइट टू हेल्‍थ बिल को लेकर दूसरे दिन भी डॉक्‍टर्स-पुलिस में टकराव, रेजिडेंट्स और सीनियर भी उतरे विरोध में

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जयपुर Abhayindia.com राजस्‍थान में गहलोत सरकार के राइट टू हेल्‍थ बिल को लेकर मंगलवार को दूसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन के दौरान डॉक्‍टर्स और पुलिस में टकराव हो गया। विधानसभा की ओर जा रहे डॉक्‍टर्स को रोकने के लिए पुलिस को वाटर कैनन चलाया। आपको बता दें कि सोमवार को भी डॉक्‍टर्स और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी। इसके विरोध में डॉक्टरों ने काम बंद कर दिया है। डॉक्टर्स का आरोप है कि सरकार ने उनकी शर्तों और सुझावों को बिल में शामिल नहीं किया है। इस कारण यह पूरा बिल ही हेल्थ सिस्टम का विरोधी दिख रहा है।

डॉक्टर्स ने बिल के खिलाफ रातभर जयपुर के स्टैच्यू सर्किल पर धरना दिया। इनके समर्थन में अब सवाई मानसिंह अस्पताल के रेजिडेंट और सीनियर डॉक्टर्स भी आ गए हैं। इस बीच, मंगलवार को बिल विधानसभा में पास हो भी गया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर में डॉक्टरों से आंदोलन वापस लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि मैं सभी डॉक्टर्स से व्यक्तिगत तौर पर भी अपील कर रहा हूं कि सरकार की सोच सकारात्मक है और इसे सेवा का कार्य समझते हुए काम पर लौट आएं। डॉक्‍टर्स के विरोध के चलते जयपुर सहित कई बड़े शहरों में आज हेल्थ सर्विसेज गड़बड़ा गई हैं। प्राइवेट डॉक्टर्स के काम नहीं करने से सरकारी हॉस्पिटल्स पर दबाव बढ़ गया है।

प्राइवेट हॉस्पिटल में ओपीडी प्रभावित होने के बाद आज से सरकारी हॉस्पिटल में भी मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है। जयपुर एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स नरेंद्र डामोर के अनुसार, मंगलवार को एसएमएस हॉस्पिटल और उससे अटैच दूसरे हॉस्पिटल में भी रेजिडेंट्स काम नहीं कर रहे हैं। जयपुर के अलावा बीकानेर, उदयपुर, कोटा और अन्य जिलों से भी रेजिडेंट डॉक्टरों की यूनियन ने इस बिल के विरोध में अपना समर्थन दिया है। इधर, आंदोलन में एसएमएस कॉलेज के सीनियर डॉक्टर और प्रोफेसर भी शामिल हो गए हैं। डॉ पुनीत सक्सेना, डॉ पवन सिंघल, डॉ धनंजय अग्रवाल भी प्रदर्शन में शामिल हुए।

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