








बीकानेर Abhayindia.com राजस्थान में जेठ माह भीषण गर्मी के लिए प्रख्यात है। इस साल विक्रम सम्वत के अधिक मास या पुरुषोत्तम मास के वर्ष में दो जेठ महीने हो रहें हैं। इसलिए गंगाशहर नागरिक परिषद् ने चिलचिलाती धूप व गर्मी के मई व जून माह में गंगाशहर के राजकीय सैटेलाईट अस्पताल में अनुकूल व्यवस्थाएं उपलब्ध करवाई हैं। चूंकि गंगाशहर निवासियों व कोलकाता प्रवासियों की संस्था गंगाशहर नागरिक परिषद् ने सन् 2006 से इस अस्पताल को गोद लेकर यहां चिकित्सा व्यवस्थाओं के विस्तार व रोगियों की सुविधाओं की दृष्टि से निर्माण, नवीनीकरण व रख-रखाव के कार्य निरन्तर जागरूकता से कर रही है।
परिषद् द्वारा अस्पताल के सभी ओ.पी.डी. कक्ष, वार्ड, नेत्र विभाग, दन्त विभाग, प्रसूति विभाग, प्रयोगशाला, एक्स रे एवं सोनोग्राफी कक्ष आदि सभी कमरे वातानुकूलित करवाये जा चुके हैं। गैलेरी व वेटिंग एरिया आदि अन्य जगहों में भी समुचित कूलर, पंखों आदि की व्यवस्था है।
परिषद् के संयोजक जतनलाल दूगड़ ने बताया कि गर्मी के कारण दवा गोदामों में दवाओं की गुणवत्ता व प्रभावकता नष्ट न हो, इसे ध्यान में रखते हुए इन गोदामों को भी वातानुकूलित करवाया गया है। साथ ही रोगियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए प्रथम सतह के मेल वार्ड को भी वातानुकूलित करवाया गया।
कोषाध्यक्ष महेन्द्र चैपड़ा ने बताया कि इस भीषण गर्मी को मध्य नजर रखते हुए प्रथम सतह पर मेल वार्ड के पास एक वाटर कूलर मय वाटर प्यूरीफायर संस्थापित करवाया गया है। चौपड़ा ने बताया कि अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार के पास ही रजिस्ट्रेशन एवं दवा वितरण केन्द्र के सामने बड़े कूलर लगवाये गये। इसके साथ ही अस्पताल में रोगियों व उनके साथ आने वाले रिश्तेदारों को सीधी धूप से न गुजरना पड़े, इसके लिए खुली जगह को टेण्ट से कवर भी करवाया गया।
बच्छराज रांका ने बताया कि अस्पताल में दो प्याऊ व पांच वाटर कूलर की मय एक्वागार्ड की व्यवस्था है। जिससे पीने के लिए स्वच्छ व शीतल जल की उपलब्धता है। रांका ने बताया कि प्रचण्ड गर्मी एवं लू से राहत के लिए पिछले वर्षों की तरह अस्पताल में मई माह के प्रारम्भ से लेकर पिछले लगभग 45 दिनों से लगातार स्वास्थ्यवर्द्धक शीतल तथा छाछ, केरी पुदीना शबर्त, वाटर मिलन ज्यूस, मेंगो शेक, इक्षु रस (गन्ने का रस), राजस्थानी राबड़ी (डोवा राब) आदि पेय पदार्थों की व्यवस्था भी जारी है। इस सेवा से हजारों व्यक्तियों को संतृप्तता की अनुभूति हुई है।
नृसिंह भट्टड़ ने बताया कि इस शीतल पेय व्यवस्था में सौजन्यदाताओं के सहयोग के साथ ही इस श्रमसाध्य कार्य में हनुमानमल बोथरा, पवनकुमार बोथरा की विशेष भूमिका रही। पवन बोथरा ने बताया कि सभी पेय नेचुरल पदार्थों से ही तैयार किए गए व उन्हें बनाने व वितरण में हाइजीन का भी पूरा ख्याल रखा गया। इस सेवा कार्य में श्री साधुमार्गी जैन श्रावक संघ, गंगाशहर-भीनासर के कार्यकर्ताओं ने उल्लेखनीय श्रम किया है।
श्रावक संघ के मंत्री सुनीलकुमार सुराना ने बताया कि संघ के अध्यक्ष दीपक सेठिया, समता युवा संघ के अध्यक्ष मुकेश सेठिया, पानमल सुराना, नवरतन सेठिया, अशोक डागा, विरेन्द्र डागा, जतनलाल पुगलिया, भाग्यश्री सांड, बबिता नाहटा, राजश्री बोथरा, सिद्धि सोनावत, गौतम सेठिया, प्रकाश भूरा, राहुल विश्नोई, लूणकरण सुराना, उमेश सेठिया आदि सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने इस सेवा कार्य में आतिथ्य भाव से सहयोग कर आत्म सन्तोष की अनुभूति की। सुराना ने बताया कि सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि बचपन में ही सेवा के संस्कारों से ओत-प्रोत आठ वर्षीय डिम्पल डागा प्रतिदिन उत्साह से मनुहार सहित शीतल पेय पिलाने में तत्परता से अग्रणी रही।
इस व्यवस्था में पयार्वरण का ध्यान रखते हुए यूज एण्ड थ्राॅ के सीमित उपयोग के साथ ही इसके समुचित निस्तारण व सफाई की भी सजगता से व्यवस्था की गई। पेय पदार्थों बनाने में उपयोग में आने वाले फलों के छिलकों व गन्ने आदि के अपशिष्ट पदार्थों को यथास्थान भिजवा कर गायों आदि को खिलाने की व्यवस्था भी कार्यकर्ताओं ने जागरूकता से की। अस्पताल अधीक्षक डाॅ. बाल्मिकी व गंगाशहर नागरिक परिषद् के सम्पतलाल दूगड़ ने अस्पताल में सेवा कार्यों हेतु उदारमना सौजन्य प्रदाताओं व व्यवस्था करने वाले सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।


