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बीकानेर में बच्चों में अस्थमा पर CASPER कार्यशाला आयोजित

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बीकानेर Abhayindia.com बच्चों में अस्थमा की समय पर पहचान, प्रभावी उपचार एवं दीर्घकालिक प्रबंधन को लेकर रविवार को बीकानेर के द सागर होटल में CASPER (Controlling Asthma in Pediatric Population through Education and Research) कार्यक्रम के तहत कार्यशाला आयोजित की गई।कार्यक्रम का आयोजन CREST – Chest Research and Training, Pune द्वारा Cipla के सहयोग से किया गया। कार्यशाला में पुणे से डॉ. जगदीश धेकने तथा जयपुर से डॉ. मुकेश गुप्ता एवं डॉ. प्रीति शर्मा ने फैकल्टी के रूप में सहभागिता की। विशेषज्ञों ने बच्चों में अस्थमा की डायग्नोसिस, लॉन्ग-टर्म मैनेजमेंट तथा अस्थमा के तीव्र प्रकोप के उपचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। कार्यशाला का संचालन प्रोफेसर डॉ. पवन डारा ने किया।

कार्यशाला में केस डिस्कशन, मॉक काउंसलिंग, PEFR, स्पाइरोमेट्री तथा इनहेलर डिवाइस के सही उपयोग की तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही अभिभावकों की प्रभावी काउंसलिंग एवं उपचार के प्रति बच्चों की नियमितता बढ़ाने के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम में डॉ. जी.एस. तंवर, डॉ. महेश शर्मा, डॉ. कुलदीप सिंह बिठू एवं डॉ. श्याम अग्रवाल की सक्रिय भागीदारी रही। इसके अलावा प्रो. मुकेश बेनीवाल, डॉ. गौरव पारीक, डॉ. संतोष चांडक, डॉ. अनुभव चौधरी, डॉ. संजीव चाहर, डॉ. अनिल दूसा, डॉ. ए.के. सुथार, डॉ. कविता पूनिया एवं डॉ. दिनेश परिहार सहित अनेक बाल रोग विशेषज्ञों एवं चिकित्सकों ने भाग लिया।

विशेषज्ञों ने कहा कि बच्चों में बार-बार होने वाली खांसी, घरघराहट एवं सांस लेने में तकलीफ को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अस्थमा की समय पर पहचान, सही इनहेलर तकनीक एवं उचित दीर्घकालिक उपचार से बच्चों को सामान्य एवं सक्रिय जीवन जीने में मदद मिल सकती है। कार्यशाला का उद्देश्य चिकित्सकों की क्लिनिकल स्किल्स को मजबूत करना तथा बच्चों में अस्थमा के बेहतर एवं वैज्ञानिक प्रबंधन को बढ़ावा देना रहा। “हर बच्चा खुलकर सांस ले”, इसी उद्देश्य और संदेश के साथ कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

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