जयपुर Abhayindia.com चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा है कि भीलवाड़ा एवं बांसवाड़ा में हुई प्रसूताओं की मौत के मामलों को राज्य सरकार अत्यंत गंभीरता से ले रही है। इन घटनाओं के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशालय से विशेषज्ञ अधिकारियों की टीम दोनों जिलों में भेजी गई है। सोमवार को प्रदेश के गायनिक विशेषज्ञों के साथ प्रकरणों पर बैठक होगी।
उन्होंने कहा कि भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल की प्रारंभिक रिपोर्ट प्राप्त हो गई है जिसमें ऑपरेशन थियेटर में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है,छह दिनों के दौरान जिन पांच महिलाओं की मृत्यु हुई, वे अलग-अलग तिथियों पर हुईं तथा प्रत्येक मामले में मृत्यु का कारण अलग-अलग चिकित्सीय जटिलताएँ थीं। इनमें हृदयाघात (Myocardial Infarction), हाइपोवोलेमिक शॉक, पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म, गर्भावस्था जनित गंभीर उच्च रक्तचाप से उत्पन्न HELLP सिंड्रोम तथा प्रसवोत्तर अत्यधिक रक्तस्राव (Post Partum Haemorrhage with DIC) जैसी गंभीर स्थितियाँ शामिल हैं। किसी भी मामले में मृत्यु का कारण एक समान अथवा ऑपरेशन थिएटर संक्रमण नहीं पाया गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन थिएटर का माइक्रो-बायोलॉजिकल कल्चर कराना संक्रमण नियंत्रण की नियमित एवं मानक प्रक्रिया का हिस्सा है। निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार फ्यूमिगेशन एवं डिसइन्फेक्शन के बाद कल्चर रिपोर्ट प्राप्त होने तक संबंधित ओटी का उपयोग नहीं किया जाता है। भीलवाड़ा अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर संख्या-2 का भी 29 जून 2026 को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कल्चर कराया गया था। 30 जून 2026 को कल्चर रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद एहतियात के तौर पर उक्त ऑपरेशन थिएटर का उपयोग तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया तथा रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद से उसमें कोई ऑपरेशन नहीं किया गया।
केस डिटेल
1. फेरी देवी (स्त्री रोग मरीज, गर्भवती नहीं)
— भर्ती दिनांक: 30 जून 2026
— ऑपरेशन दिनांक: 01 जुलाई 2026
— मृत्यु दिनांक: 07 जुलाई 2026
— मृत्यु का कारण: मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (हार्ट अटैक)
— यह प्रसूता का मामला नहीं था। मृत्यु का कारण हृदयाघात था, जिसका ऑपरेशन थिएटर संक्रमण से कोई संबंध नहीं है।
2. श्रीमती शिमला गुर्जर (प्रसूता – ANC केस)
— भर्ती दिनांक: 05 जुलाई 2026
— ऑपरेशन: नहीं हुआ
— मृत्यु दिनांक: 07 जुलाई 2026
— मृत्यु का कारण: गुलाबपुरा से रेफर केस, Acute Gastroenteritis, Hypovolemic Shock, Septicemia, IUD (Intra Uterine Death) एवं गंभीर एनीमिया।
— अतः मरीज का ऑपरेशन ही नहीं हुआ था, इसलिए ओटी संक्रमण का प्रश्न ही नहीं उठता।
3. श्रीमती ईशा पाण्डेय (प्रसूता)
— भर्ती दिनांक: 05 जुलाई 2026
— ऑपरेशन दिनांक: 06 जुलाई 2026
— मृत्यु दिनांक: 08 जुलाई 2026
— मृत्यु का कारण: पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म (Pulmonary Thromboembolism)
— अतः यह एक गंभीर चिकित्सकीय जटिलता है, जिसका ऑपरेशन थिएटर संक्रमण से कोई संबंध नहीं पाया गया।
4. श्रीमती दिव्या सेन (प्रसूता)
— भर्ती दिनांक: 07 जुलाई 2026
— ऑपरेशन दिनांक: 07 जुलाई 2026
— मृत्यु दिनांक: 09 जुलाई 2026
— मृत्यु का कारण: सीएचसी रायपुर से रेफर केस। गर्भावस्था जनित गंभीर उच्च रक्तचाप (Severe Pregnancy Induced Hypertension) के कारण HELLP Syndrome (Hemolysis, Elevated Liver Enzymes, Low Platelet Count) एवं Eclampsia।
— अतः मरीज पहले से गंभीर अवस्था में रेफर होकर आई थी। मृत्यु गंभीर प्रसूति जटिलताओं के कारण हुई।
5. श्रीमती संगीता जीनगर (प्रसूता)
— भर्ती दिनांक: 09 जुलाई 2026
— ऑपरेशन दिनांक: 09 जुलाई 2026
— मृत्यु दिनांक: 10 जुलाई 2026
— मृत्यु का कारण: Atonic Post Partum Haemorrhage with DIC (प्रसवोत्तर अत्यधिक रक्तस्राव एवं DIC)
— अतः मृत्यु का कारण प्रसवोत्तर अत्यधिक रक्तस्राव से उत्पन्न गंभीर चिकित्सकीय जटिलता थी, न कि ओटी संक्रमण।
खीवसर ने बताया कि पांचों मरीजों में मृत्यु के कारण अलग-अलग और स्वतंत्र चिकित्सकीय जटिलताएँ थीं। एक मरीज का ऑपरेशन हुआ ही नहीं, जबकि एक मरीज स्त्री रोग (गायने) का केस था, प्रसूता नहीं थी। किसी भी मामले में ऑपरेशन थिएटर संक्रमण को मृत्यु का कारण नहीं पाया गया है ।सभी मौतों को एक ही कारण या ओटी संक्रमण से जोड़ना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। खीवसर ने बताया कि विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंचकर प्रत्येक प्रकरण की गहन जांच करेगी। जांच में उपचार की संपूर्ण प्रक्रिया, दवाओं की गुणवत्ता, ऑपरेशन थिएटर एवं उपकरणों में संक्रमण की स्थिति, उपचार एवं मॉनिटरिंग व्यवस्था सहित सभी संभावित पहलुओं की वैज्ञानिक एवं तथ्यपरक पड़ताल की जाएगी। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही घटनाओं के वास्तविक कारणों पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।
उन्होंने कहा कि घटनाएं बेहद दुःखद और दुर्भाग्यपूर्ण है, प्रभावित परिवारों के प्रति राज्य सरकार गहरी संवेदना व्यक्त करती है। सरकार हर पहलू की पूरी पारदर्शिता के साथ मामले की जांच करा रही है ताकि वास्तविक कारण सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें। खींवसर ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर होगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मरीजों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है तथा स्वास्थ्य संस्थानों में उपचार व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जा रहे हैं।













