





मेरे प्यारे बीकानेर वासियों, मेरे साथी डॉक्टर्स, थेरेपिस्ट्स, टीचर्स और सबसे ज़्यादा- मेरे स्पेशल बच्चों के पेरेंट्स, आज विश्व सेरेब्रल पाल्सी दिवस है। एक दिन, जो हमें याद दिलाता है कि सेरेब्रल पाल्सी कोई बीमारी नहीं, एक स्थिति है। यह दिमाग की चोट है, जो प्रेगनेंसी में, जन्म के समय या जन्म के तुरंत बाद लगती है। इससे बच्चे का शरीर अकड़ जाता है, चलना, बोलना, पकड़ना मुश्किल हो जाता है। लेकिन उसका दिमाग, उसकी समझ, उसकी मुस्कान वो उतनी ही खूबसूरत रहती है, जितनी किसी भी बच्चे की।
एक बात जो मैं 20 सालों से हर पेरेंट से कहता आ रहा हूँ- “आपका बच्चा सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित नहीं है, सेरेब्रल पाल्सी के साथ जी रहा है। और जीना उसका अधिकार है।”
आम जन से मेरा निवेदन
1. इन बच्चों को दया की दृष्टि से मत देखिए, संभावना की दृष्टि से देखिए।
2. पार्क में, स्कूल में, शादी में अगर आपको ऐसा बच्चा दिखे जो अलग चल रहा है, अलग बोल रहा है – उसे घूरिये मत, उसके माँ-बाप को सवालों से मत घेरिये। एक प्यारी मुस्कान दे दीजिए, वही काफी है।
3. सेरेब्रल पाल्सी छूत की बीमारी नहीं है। यह किसी के पाप या किसी के किए का फल नहीं है।
पेरेंट्स से मेरा संदेश – जिनके लिए मैं ये लड़ाई लड़ रहा हूँ : मैं जानता हूँ आप थक गए हैं। रोज की थेरेपी, लोगों के ताने, भविष्य का डर – ये सब आप अकेला सह रहे हैं। पर याद रखिये- अर्ली इंटरवेंशन ही सबसे बड़ी दवाई है। 6 महीने का बच्चा गर्दन नहीं संभाल रहा, 1 साल का बैठ नहीं रहा, इसको “देर से बोलेगा” कह कर टालिये मत। तुरंत अपने पीडियाट्रिशियन को दिखाइये। हम ग्रोथ गेट पर इसी लिये हैं। आपका बच्चा चलेगा, ज़रूर चलेगा। शायद सपोर्ट से, शायद वॉकर से, पर चलेगा। बोलेगा, पढ़ेगा, अपने पैरों पर खड़ा होगा। बस उसे मौका दीजिये।
मेरे सहयोगी हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स – फिजियोथेरेपिस्ट, ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट, स्पीच थेरेपिस्ट, स्पेशल एजुकेटर्स से अपील
आप मेरे हाथ-पैर हैं। डॉक्टर सिर्फ रास्ता दिखाता है, मंजिल तक आप ले जाते हैं। सीपी का बच्चा सिर्फ फिजियोथेरेपी का केस नहीं है। उसे प्यार चाहिए, मोटिवेशन चाहिए। उसके साथ काम करते समय 1 घंटे का सेशन मत देखिये, उसकी पूरी ज़िंदगी देखिये। कृष्णा स्पास्टिक सोसाइटी इसी सोच से बनाई थी मैंने कि बीकानेर का कोई भी सीपी बच्चा थेरेपी से वंचित न रहे, चाहे उसके पास पैसा हो या न हो। आइये, आज के दिन हम सब एक शपथ लेते हैं- हम किसी भी बच्चे को उसकी डिसेबिलिटी से नहीं, उसकी एबिलिटी से पहचानेंगे। सेरेब्रल पाल्सी को हराना है तो हमें एक साथ लड़ना होगा। -डॉ. श्याम अग्रवाल, ग्रोथ गेट चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर, डॉ. श्याम अग्रवाल हॉस्पिटल, बीकानेर







