





जयपुर Abhayindia.com अपराध नियंत्रण, निगरानी और पुलिस अभियानों में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में राजस्थान पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है। श्रीगंगानगर के लालगढ़ जाटान स्थित सप्तशक्ति ड्रोन ट्रेनिंग स्कूल (एसएसडीटीएस) में आयोजित तीन सप्ताह के पुलिस ड्रोन इंटीग्रेशन कोर्स का समापन हुआ। प्रशिक्षण में कांस्टेबल से लेकर पुलिस उपाधीक्षक स्तर तक के 17 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ड्रोन संचालन से लेकर मिशन आधारित फ्लाइट और दिन-रात सर्विलांस तक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
ड्रोन संचालन से लेकर मिशन प्लानिंग तक दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस वी.के. सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान पुलिसिंग में ड्रोन तकनीक के प्रभावी, सुरक्षित एवं उद्देश्यपूर्ण उपयोग के लिए प्रतिभागियों को विभिन्न तकनीकी एवं परिचालन विषयों पर सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसमें फर्स्ट पर्सन व्यू ड्रोन सिमुलेशन, सर्विलांस ड्रोन ऑपरेशन, मिशन प्लानिंग एवं फ्लाइंग सेफ्टी जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।
प्रशिक्षणार्थियों को ड्रोन की असेंबली एवं डिसअसेंबली , मेंटेनेंस तथा परिचालन संबंधी तकनीकी पहलुओं का भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही, ड्रोन रेगुलेशन एवं एयर स्पेस मैनेजमेंट से संबंधित प्रावधानों और प्रक्रियाओं की जानकारी प्रदान की गई, ताकि ड्रोन संचालन में निर्धारित नियमों एवं सुरक्षा मानकों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।
ड्रोन सर्विलांस और मिशन आधारित फ्लाइट्स का अभ्यास
प्रशिक्षण को अधिक व्यावहारिक एवं पुलिसिंग की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के लिए प्रतिभागियों को दिन एवं रात्रि के समय ड्रोन सर्विलांस तथा मिशन आधारित ड्रोन फ्लाइट्स का अभ्यास कराया गया। इन अभ्यासों के माध्यम से ड्रोन पायलटों की परिचालन दक्षता, परिस्थितिजन्य समझ, निर्णय क्षमता एवं तकनीकी कौशल को विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।
दो पुलिस अधिकारियों को मिला DGCA का रिमोट पायलट सर्टिफिकेट
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग के दो अधिकारियों को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा जारी रिमोट पायलट सर्टिफिकेट (RPC) भी एसएसडीटीएस के माध्यम से प्रदान किए गए।
पुलिसिंग में ड्रोन के उपयोग के लिए तैयार होगा व्यवस्थित रोडमैप
पुलिस विभाग में ड्रोन तकनीक के अधिक प्रभावी एवं व्यापक उपयोग तथा भविष्य की तकनीकी एवं परिचालन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित 24 ड्रोन एप्लीकेशन्स के क्रियान्वयन के लिए एक ड्राफ्ट रोडमैप भी तैयार किया गया है।
इसमें पुलिसिंग के विभिन्न क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक के संभावित उपयोग, परिचालन आवश्यकताओं तथा इसके व्यवस्थित क्रियान्वयन से संबंधित बिंदुओं को शामिल किया गया है। मुख्यालय स्तर पर अनुमोदन प्राप्त होने के बाद इस ड्राफ्ट को आवश्यकतानुसार पुलिस विभाग में लागू किया जाएगा। इससे राजस्थान पुलिस में ड्रोन तकनीक के उपयोग को व्यवस्थित, सुरक्षित, मानकीकृत एवं परिणामोन्मुख स्वरूप प्रदान करने में सहायता मिलेगी।
आधुनिक तकनीक के उपयोग से और स्मार्ट बनेगी राजस्थान पुलिस : डीजीपी
महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि राजस्थान पुलिस आधुनिक तकनीक के समुचित उपयोग के माध्यम से पुलिसिंग की कार्यक्षमता एवं परिचालन क्षमताओं को निरंतर सुदृढ़ कर रही है। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक वर्तमान समय में निगरानी, सुरक्षा एवं विभिन्न पुलिस ऑपरेशन्स में उपयोगी तकनीकी संसाधन के रूप में उभर रही है।
उन्होंने कहा कि एसएसडीटीएस में आयोजित यह प्रशिक्षण पुलिस कार्मिकों को ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में आवश्यक तकनीकी दक्षता एवं व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। तकनीक आधारित एवं स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम राजस्थान पुलिस की क्षमताओं को और मजबूत करेंगे।







