Tuesday, June 23, 2026
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बीकानेर : हमारी सांस्कृतिक पहचान है पगड़ी, राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर…

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बीकानेरAbhayindia.comपगड़ी व साफ हमारी संास्कृतिक पहचान है, पगड़ी-साफ बांधने की कला निरन्तर लुप्त प्राय: होती जा रही है-उसके संरक्षण-संवद्र्धन की आवश्यकता है।

यह कला आज इन बच्चों के मध्य उपस्थित होकर हमारी इस सांस्कृतिक धरोहर को इन बच्चों को सिखा कर सौंप रहा हूं। जिससे यह बच्चे आने वाले समय में हमारी सांस्कृतिक विरासत को कायम रखें।

पगड़ी विशेषज्ञ कृष्णचंद पुरोहित ने नालन्दा पब्लिक सी. सै. स्कूल में चल रहे 7 दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर में आगे बताते हुए पुरोहित ने कहा कि भारत में हर 15 कोस में पगड़ी, पानी और बोली परिवर्तित हो जाती है। इस कारण से राजस्थान में 155 प्रकार की पगड़ी साफा बांधे जाते है, कृष्णचंद पुरोहित ने बच्चों को साफा बांधना सिखाया। साथ ही दसों अंगुलियों पर साफे बांधकर बच्चों को बताया इसे देखकर बच्चें आश्चर्यचकित हो गए।

सोलर प्लांट का अवलोकन…

द्वितीय सत्र में आशीष रंगा के नेतृत्व में शाला की छत पर स्थित सोलर प्लांट का अवलोकन किया। आशीष रंगा ने सोलर प्लांट से किस प्रकार मोनोक्रिस्टलाइन व पोलीक्रिस्टलाइन से सौर बिजली का उत्पादन होता है के बारे में बताया। इसके बाद विद्यार्थियों ने बैडमिंटन टेबल टेनिस एवं कई पुराने परम्परागत खेलों का आनंद लिया। जिनके बारे में छात्रों को पूर्व में जानकारी नहीं थी यह खेल शाला अध्यापिका दुर्गा रंगा एवं इन्दुबाला व्यास ने सिखाएं। उदयगिरी समाधि स्थल एवं त्रिपुरासुंदरी राजराजेश्वरी मंदिर परिसर में श्रमदान किया। राजेश रंगा ने आभार जताया।

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