Saturday, May 30, 2026
Hometrendingसीमावर्ती जिले के लिए 360° सुरक्षा ग्रिड बनेगा, बॉर्डर के 15 किमी...

सीमावर्ती जिले के लिए 360° सुरक्षा ग्रिड बनेगा, बॉर्डर के 15 किमी के दायरे में हुए अवैध निर्माण जमींदोज होंगे

AdAdAdAdAdAdAdAdAdAd

बीकानेर Abhayindia.com केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के बीकानेर में सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे जिलों से जुड़े सुरक्षा संबंधी मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों तथा बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर एवं फलोदी के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट व पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि राज्य सरकार के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए सीमा प्रबंधन को सशक्त एवं व्यापक बनाया जाए।

बैठक में प्रत्येक सीमावर्ती जिले के लिए 360 डिग्री सुरक्षा फ्रेमवर्क तैयार करने का निर्णय लिया गया। इस एकीकृत प्रयास में स्थानीय नागरिकों, राज्य सरकार की मशीनरी और सभी संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे सीमा प्रबंधन को और अधिक comprehensive एवं मजबूत बनाया जा सके।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अवैध निर्माणों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा से 0-15 किलोमीटर के दायरे में हो रहे अवैध निर्माणों को जमींदोज करने का निर्देश दिया।

अमित शाह ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी), नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और राज्य सरकार की मशीनरी के साथ समन्वित सीमा प्रबंधन रणनीति अपनाए जाने पर बल दिया, ताकि घुसपैठ, नारकोटिक्स तस्करी, अतिक्रमण, आतंकवादी फंडिंग और अन्य सीमा-पार अपराधों पर शिकंजा कसा जा सके।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने जिला मजिस्ट्रेटों को जिम्मेदारियाँ सौंपते हुए निर्देश दिया कि वे सभी बैंकों में पूर्ण कानूनी एवं वित्तीय अनुपालन सुनिश्चित करें, प्रमुख व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का सत्यापन करें, उनके फंडिंग स्रोतों की जांच करें, म्यूल खातों एवं शेल कंपनियों को ट्रैक करें, फर्जी आधार कार्डों की पहचान करें तथा तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करें। उन्‍होंने निर्देश दिया कि साइबर अपराधों के त्वरित निवारण के लिए ‘1930’ कॉल सेंटर का प्रभावी उपयोग किया जाए तथा क्षेत्र में कानून प्रवर्तन व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने के लिए तीन नए आपराधिक कानूनों का पूर्ण रूप से कार्यान्वयन किया जाए।

बैठक के दौरान वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II (VVP-II) के सफल एवं प्रभावी कार्यान्वयन पर विशेष बल दिया गया, जिसके माध्यम से अंतिम छोर तक शासन को सुदृढ़ करना, आर्थिक अपराधों को रोकना, बुनियादी सुविधाओं की कमी पूरी करना तथा सीमावर्ती जनसंख्या को समर्थन देना सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, सीमावर्ती गांवों में सभी सरकारी योजनाओं का 100% सैचुरेशन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

बैठक में रेखांकित किया गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर उच्चतम स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। साथ ही, केन्द्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को बढ़ावा देकर सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

- Advertisment -

Most Popular

error: Content is protected !!