










श्रीडूंगरगढ़.बीकानेर abhayindia.com राष्ट्रीय भाषा हिन्दी प्रचार समिति की ओर से रविवार को संस्कृति भवन में साहित्यकार समारोह आयोजित किया गया।
इस मौके पर जयनारायण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.सी. त्रिवेदी ने कहा कि सच का उद्घाटन साहित्यकार की सामाजित जिम्मेदारी है। इसमें छूट की कोई सम्भवना नहीं है। इतिहास गवाह है कि जब -जब साहित्यकार ने सच को दबाया है तब-तब सामाजिक विचलन बढ़े है। समय में परिवर्तन साहित्यकार ही ला सकता है और गिरती हुई राजनीति को सहारा देकर यही उन्नति की ओर अग्रसर कर सकता है।
वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.एल. गोदारा ने कहा कि समय के साथ रचाव की तकनीक में बदलाव समाज की जरूरत है। आज जिस तरह का माहौल है, उसमें साहित्यकार को अतिरिक्त चौकन्ना रहना होगा, वरना समय उसे हासिये में पटकने में देर नहीं करेगा।
अध्यक्षता करते हुए राजस्थान साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष वेद व्यास ने कहा कि सत्ता में शिक्षा, साहित्य व संस्कृति का कोई महत्व नहीं रह गया है। कला व साहित्य की संस्थाएं विलुप्त हो रही है। लेखक रमेश जोशी ने कहा कि साहित्य धर्मों में बंटे हुए समाज को जोड़कर सामाजिक समरसता कायम करता है।
जुगलकिशोर तावणियां ने कहा कि पीडि़त मानव व जरूरतमंद की सेवा ही सर्वोपरि है। संस्था अध्यक्ष श्याम महर्षि ने विषय प्रवर्तन करते हुए बदलते समय में साहित्य की विभिन्न चुनौतियों का जिक्र किया और रचनाधर्मिता की ईमानदारी पर जोर दिया। डॉ. चेतन स्वामी ने कहा कि साहित्य का कोई विकल्प नहीं है। यह सदैव सामाजिक पथ प्रदर्शक था और आगे भी रहेगा। मंत्री रवि पुरोहित ने संस्था की आगामी कार्य योजना की जानकारी दी।
महिला साहित्यकारों का होगा सम्मान…
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता विनोद सिखवाल ने पंडित शिव प्रसाद सिखवाल की स्मृति में महिला लेखन पुरस्कार देनेे की घोषणा की। कोलकाता प्रवासी भीखमचन्द पूगलिया ने संस्था की हीरक जयन्ती अवसर पर भवन के रंग रोगन के लिए डेढ़ लाख रुपए, समाजसेवी जुगलकिशोर तावणियां ने मंत्री कक्ष साज सज्जा के लिए एक लाख इकत्तीस हजार रुपए एवं इंलैण्ड सोमानी फाउंडेशन ट्रस्ट के एल.एन. सोमानी ने संस्था में एक वातानुकुलित लगाने की घोषणा की। इस दौरान महावीर प्रसाद माली, रामचन्द्र राठी, शोभचन्द आशोप, डॉ. मदन सैनी, भंवरलाल भोजक, तुलसीराम चौरडिय़ा, रामेश्वर पारीक, श्रीगोपाल राठी, बजरंग शर्मा, सत्यदीप, सत्यनारायण योगी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इनका हुआ सम्मान…
समारोह में मल्लाराम माली स्मृति साहित्य सम्मान सीकर के रमेश जोशी, पं. मुखराम सिखवाल स्मृति राजस्थानी साहित्य सृजन पुरस्कार बीकानेर के शंकर सिंह राजपुरोहित, डॉ. नन्दलाल महर्षि स्मृति हिन्दी साहित्य सृजन पुरस्कार जयपुर के कैलाशा मनहर को दिया गया।
















