









जयपुर Abhayindia.com वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के तहत जयपुर जिले के पात्र आवेदकों के चयन के लिए बुधवार को मंत्रालय भवन के मनन सभागार में ऑनलाइन लॉटरी निकाली गई। प्रभारी मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा देवस्थान विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से चयन प्रक्रिया सम्पन्न की गई।
प्रभारी मंत्री ने इस दौरान कहा प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार उक्त योजना के माध्यम से राजस्थान के 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के मूल निवासी वरिष्ठ नागरिकों को उनके जीवनकाल में कम से कम एक बार राज्य सरकार की सहायता से देश एवं विदेश के निर्धारित तीर्थ स्थलों की यात्रा करवाना चाहती है।
योजना के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार द्वारा 56 हजार वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क तीर्थ यात्रा करवाई जाएगी। इनमें 50 हजार यात्रियों को रेल मार्ग से तथा 6 हजार यात्रियों को हवाई मार्ग से पशुपतिनाथ (काठमांडू, नेपाल) की यात्रा करवाई जाएगी। यात्रियों को रेल मार्ग द्वारा निर्धारित 15 तीर्थ स्थलों की यात्रा का अवसर मिलेगा। देवस्थान विभाग के पोर्टल पर वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के लिए 27 मई से 10 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इस अवधि में प्रदेशभर से कुल 1 लाख 14 हजार 579 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें कुल 1 लाख 92 हजार 313 यात्री शामिल हैं।
जयपुर जिले से कुल 13 हजार 63 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 15 हजार 503 आवेदक तथा 6 हजार 881 सहयात्री शामिल हैं। इस प्रकार जिले से कुल 22 हजार 384 यात्रियों ने योजना के लिए आवेदन किया। वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार पर जयपुर जिले के लिए कुल 4,817 यात्रियों का कोटा निर्धारित किया गया है। इनमें 4,291 यात्रियों का चयन रेल यात्रा तथा 526 यात्रियों का चयन हवाई यात्रा के लिए किया गया है। जिला स्तरीय समिति द्वारा ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से चयन प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से सम्पन्न की गई।
बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिभा वर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर जयपुर चतुर्थ आशीष कुमार, सीओ एससी एसटी सैल जयपुर रामावतार सिंह ताखर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रवि शेखावत, सूचना प्रौद्योगिक एवं संचार विभाग के संयुक्त निदेशक रणवीर सिंह, पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक बाबूलाल मीना, देवस्थान विभाग के निरीक्षक सुरेन्द्र पूनिया आदि उपस्थित रहे।
















