








जयपुर Abhayindia.com शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार शिक्षा विभाग के सभी रिक्त पदों को भरने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा द्वारा पांच वर्षों में 4 लाख सरकारी नौकरियां देने की घोषणा को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है, जिसमें लगभग 1 लाख 75 हजार पद शिक्षक एवं अन्य कर्मचारियों के होंगे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा अब तक 72 हजार पद भरे जा चुके हैं, जिनमें कुछ पद पदोन्नति से तथा कुछ नई भर्ती से भरे गए हैं। इसके अलावा वर्ष 2024 में 2,202 पदों के लिए भर्ती निकाली गई, जिसकी परीक्षा सम्पन्न हो चुकी है और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया जारी है। वर्ष 2025 में 3,225 पदों की नई भर्ती निकाली गई है, जिन पर चयनित शिक्षक शीघ्र ही सेवाएं देंगे। वरिष्ठ अध्यापक भर्ती के तहत वर्ष 2024 में 2,129 पद तथा 2025 में 6,500 पदों की भर्ती निकाली गई है, जो प्रक्रियाधीन हैं।
शिक्षा मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक थावर चन्द द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने 6,264 विद्यालयों को क्रमोन्नत तो किया, लेकिन एक भी पद सृजित नहीं किया। इसी प्रकार महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय खोल दिये, लेकिन उनके लिए भी शिक्षकों की भर्ती नहीं की गई। इससे लाखों बच्चों का भविष्य प्रभावित हुआ।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार एससी, एसटी एवं ओबीसी वर्ग के हितों के प्रति संवेदनशील है। यदि किसी प्रकार के बैकलॉग पद शेष हैं तो आगामी भर्तियों में समायोजित कर उन्हें भरने का प्रयास किया जाएगा। इससे पहले सदस्य के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में शिक्षा मंत्री ने प्रदेश में स्कूल शिक्षा के अंतर्गत संचालित राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों के श्रेणीवार एवं विषयवार रिक्त पदों की जानकारी सदन में प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा में प्राध्यापक एवं वरिष्ठ अध्यापक के पद 50 प्रतिशत पदोन्नति तथा 50 प्रतिशत सीधी भर्ती से भरे जाते हैं, जबकि प्रारंभिक शिक्षा में अध्यापक लेवल प्रथम एवं द्वितीय (विभिन्न विषय) के 100 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से, प्रचलित सेवा नियमों के प्रावधानों के अंतर्गत भरे जाते हैं। पदोन्नति के रिक्त पदों को भरने के लिए पदोन्नति कैलेंडर जारी कर समयबद्ध पदोन्नतियां सुनिश्चित की गई हैं। वहीं भर्ती एजेंसियों के माध्यम से पात्र एवं चयनित अभ्यर्थियों के चयन उपरांत सीधी भर्ती के रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही भी प्रक्रियाधीन है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में कोई भी पद रिक्त न रहे और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।


