Hometrendingडिस्कॉम्स चेयरमैन ने वॉटसएप पर फोटो मंगवाकर जांची बिजली रीडिंग की सत्यता

डिस्कॉम्स चेयरमैन ने वॉटसएप पर फोटो मंगवाकर जांची बिजली रीडिंग की सत्यता

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जयपुर Abhayindia.com डिस्कॉम्स चेयरमैन एवं जयपुर विद्युत वितरण निगम की प्रबंध निदेशक आरती डोगरा ने अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमियों की विद्युत संबंधी समस्याओं का पूरी संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि व्यवधान रहित विद्युत आपूर्ति के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि विद्युत कनेक्शन तथा लोड एक्सटेंशन जैसी आमजन से जुड़ी पत्रावलियां अटकें नहीं।

डोगरा ने गुरूवार को भिवाड़ी सर्किल में विभिन्न कार्यालयों तथा ग्रिड सब स्टेशन के निरीक्षण के दौरान अभियंताओं को यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भिवाड़ी एनसीआर से जुड़ा महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र है। यहां की औद्योगिक इकाइयों से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार और सरकार को राजस्व मिलता है। ऐसे में इन इकाइयों को सतत् एवं पूरे वोल्टेज से पावर सप्लाई के साथ हीे सेवाओं की सुगम अदायगी सुनिश्चित की जाए।

डिस्कॉम्स चेयरमैन ने इस दौरान भिवाड़ी में फीडरों की ट्रिपिंग को लेकर भी समीक्षा की। टपूकड़ा एईएन कार्यालय में खुशखेड़ा तथा कारोली औद्योगिक एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति तथा संबंधित विषयों पर चर्चा की। उन्होंने अभियंताओं को औद्योगिक क्षेत्रों की विद्युत संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए औद्योगिक एसोसिएशनों के साथ सतत् संवाद के निर्देश भी दिए।

डिस्कॉम्स चेयरमैन ने टपूकडा में कुछ प्रकरणों में रीडिंग की पुष्टि के लिए फीडर इंचार्जों को पुनः संबंधित उपभोक्ता के यहां भेजा और उपभोग की गई यूनिट की फोटो वॉट्सएप पर मंगवाकर पूर्व में ली गई रीडिंग की सत्यता की जांच की। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत राजस्व अर्जन के लिए शत-प्रतिशत बिलिंग जरूरी है।

डोगरा ने कहा कि ओएंडएम के अभियंता एचटीएम (हाई टेंशन मेंटिनेंस) विंग के साथ समन्वय कर औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित सब स्टेशनों तथा फीडरों का नियमित निरीक्षण करें, जिससे कि इनमें आवश्यक तकनीकी सुधार किए जा सकें। ट्रिपिंग की समस्या वाले फीडरों में लोड की प्रभावी प्लानिंग करें। कहीं नए फीडर अथवा जीएसएस की आवश्यकता है, तो उसकी अभी से योजना तैयार कर लें। उन्होंने एईएन कार्यालय भिवाड़ी में न्यू कनेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से लंबित कनेक्शन प्रकरणों की जानकारी ली और आरडीएसएस योजना के तहत 33 केवी जीएसएस नौगामा का अवलोकन भी किया।

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