Friday, May 15, 2026
Hometrendingकुलगुरु के बयान पर बवाल, करणी सेना ने दी प्रदेशभर में आंदोलन...

कुलगुरु के बयान पर बवाल, करणी सेना ने दी प्रदेशभर में आंदोलन करने की चेतावनी

AdAdAdAdAdAdAdAdAd

उदयपुर Abhayindia.com मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रोफेसर सुनीता मिश्रा के बयान को लेकर उठा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने आंदोलन को तेज करने का आह्रान किया है।प्रताप का अपमान और औरंगजेब को कुशल प्रशासक बताने वाली टिप्पणी से आक्रोशित सर्व समाज शनिवार को सड़कों पर उतर आया। बड़ी संख्या में लोग रैली निकालते हुए विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन पहुंचे और कुलगुरु की बर्खास्तगी की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि महाराणा प्रताप मेवाड़ की आन-बान-शान और स्वाभिमान के प्रतीक हैं। उन्होंने कभी भी मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की। ऐसे में कुलगुरु का बयान न केवल ऐतिहासिक तथ्यों के विपरीत है, बल्कि यह पूरे मेवाड़ की अस्मिता पर चोट है। लोगों ने नारेबाजी करते हुए राज्य सरकार पर भी लापरवाही के आरोप लगाए और कहा कि इस मुद्दे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के संभागीय अध्यक्ष परमवीर सिंह डुलावत ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मेवाड़ की धरती शौर्य और बलिदान की गाथाओं से भरी है। महाराणा प्रताप ने विपरीत परिस्थितियों में भी स्वतंत्रता को प्राथमिकता दी। ऐसे में कुलगुरु का बयान ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने जैसा है। उन्होंने मांग की कि सुनीता मिश्रा को माफी मांगने का मौका दिए बिना तत्काल पद से हटाया जाए। डुलावत ने चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो समाज बलिदान देने से भी पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन मेवाड़ की आन-बान-शान की रक्षा के लिए आखिरी दम तक जारी रहेगा।

प्रदर्शनकारियों ने भाजपा की प्रदेश और केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उदयपुर के दोनों विधायक, सांसद और यहां तक कि केंद्रीय जनजातीय मंत्री भी कुलगुरु को हटाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। यही वजह है कि लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है।

श्री राजपूत करणी सेना के संभागीय अध्यक्ष परमवीर सिंह चुंडावत ने कहा कि यदि सरकार जल्द कोई निर्णय नहीं लेती तो यह आंदोलन और उग्र होगा। समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में विरोध केवल उदयपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेशभर में फैल सकता है।

- Advertisment -

Most Popular

error: Content is protected !!