जयपुर Abhayindia.com प्रदेश में गहलोत सरकार की ओर से पारित किए गए राइट टू हेल्थ बिल (RTH) को लेकर बवाल जारी है। एक ओर डॉक्टर्स जहां आंदोलन वापस लेने को तैयार नहीं है वहीं, दूसरी ओर सरकार भी टस से मस नहीं हो रही। बल्कि, अब निजी अस्पतालों पर शिकंजा कसने के मूड में नजर आ रही है। इस बीच, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने 27 मार्च को मेडिकल सर्विस बंद करने का निर्णय किया है। इधर, निदेशालय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें की ओर से भी आदेश जारी किया गया है। जिसमें सभी सीएमएचओ से निजी अस्पतालों के बारे में जानकारी मांगी गई है।
इधर, शनिवार शाम दिल्ली से जयपुर पहुंचे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा और मुख्य सचिव उषा शर्मा सहित वरिष्ठ अफसरों के साथ बैठक की। सीएम ने मुख्य सचिव को डॉक्टर्स के साथ बैठक करने के निर्देश दिए। साथ ही सीएम गहलोत ने डॉक्टर्स से हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने की अपील की है। सीएम ने कहा कि राइट टू हेल्थ में डॉक्टर्स के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। उनकी मांगों को भी बिल में रखा गया है। इसलिए हड़ताल पर जाना उचित नहीं है। पक्ष–विपक्ष ने सर्वसम्मति से यह बिल पास किया है।
आंदोलन को समर्थन : आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शरद अग्रवाल ने आंदोलन को समर्थन देते हुए 27 मार्च को संगठन से जुड़े सभी डॉक्टर्स से देशभर में बंद का आह्वान किया है। प्राइवेट हॉस्पिटल एवं नर्सिंग होम सोसाइटी के सचिव डॉ. विजय कपूर ने बताया कि 27 मार्च को जयपुर में महारैली निकाली जाएगी। प्रदेशभर के डॉक्टर्स इसमें शामिल होंगे। रैली निकालकर किया प्रदर्शन बिल के विरोध में शनिवार को भी डॉक्टर्स ने जयपुर में जेएलएन मार्ग पर प्रदर्शन कर रैली निकाली। सुबह 11 बजे बड़ी सं ख्या में डॉक्टर्स का समूह एसएमएस स्थित जेएमए सभागार से निकाला और नारेबाजी– प्रदर्शन करते हुए त्रिमूर्ति सर्किल तक पहुंचा। यहां करीब 10 मिनट प्रदर्शन करने के बाद डॉ– टर्स वापस जेएमए लौट गए। इस दौरान करीब आधे घंटे तक त्रिमूर्ति सर्किल पर ट्रैफिक बंद रहा। उसे दूसरे रास्ते पर डायवर्ट किया गया। इससे आम नागरिक काफी परेशान होते देखे गये।
29 को सामूहिक अवकाश : सरकारी हॉस्पिटल के मेडिकल ऑफिसरों की यूनियन अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ (अरिसदा) भी अपना विरोध तेज करने जा रही है। अरिसदा के प्रदेशाध्यक्ष अजय चौधरी ने बताया कि हम 29 मार्च को प्रदेशभर में एक दिन का सामूहिक अवकाश रखेंगे।






















