Sunday, June 21, 2026
Hometrendingलुप्त होती कलाओं को पुनः स्थापित करने के लिए आयोजित होंगे प्रशिक्षण...

लुप्त होती कलाओं को पुनः स्थापित करने के लिए आयोजित होंगे प्रशिक्षण शिविर

AdAdAdAdAdAdAdAdAdAd

जयपुर Abhayindia.com राजस्थान ललित कला अकादमी, जयपुर की प्रशासक डॉ. आरुषि मलिक ने बताया कि अकादमी समय-समय पर राज्य के विभिन्न अंचलों में लुप्त होती कलाओं को पुनः स्थापित करने तथा जन-जन तक कला की विभिन्न विधाओं से अवगत कराने के उद्देश्य से प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन करेग।

बूंदी शैली, फड पेंटिंग, टेराकोटा मृण कला प्राय लुप्त हो रही है एवं उक्त शैलियों में कार्य करने वाले कलाकारों की संख्या बहुत कम रह गई है जिन्हें पुनः स्थापित करने के लिये बूंदी शैली के लिये समसामयिक कला दीर्घा कोटां में, फड पेंटिंग के लिये भीलवाडा में, टेराकोटा मृण कला के लिये उदयपुर में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, बागोर की हवेली, उदयपुर में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किये जायेंगे। इसी क्रम में अजमेर में जल रंग, बीकानेर में उस्ता कला/मथेरन कला राजकीय संग्रहालयों के सहयोग से प्रशिक्षण शिविर आयोजित किये जायेंगे।

डॉ. आरुषि मलिक ने बताया कि इस क्रम में अकादमी संकुल जयपुर में कैलीग्राफी, म्यूरल एवं पेपर मेकिंग कार्यशालाओं भी आयोजन किया जायेगा। ये ग्रीष्मकालीन शिविर माह जून से आयोजित किये जायेंगे।

Ad
- Advertisment -

Most Popular

error: Content is protected !!