









बीकानेर Abhayindia.com अक्षय तृतीया पर बीकानेर नगर की स्थापना की खुशी में जमकर पतंगबाजी होती है। लेकिन, पतंग उड़ानें मेंं आजकल चायनीज मांझा (प्लास्टिक डोर) का उपयोग लोग करके आमजन का जीवन ख़तरे में डाल रहे हैं। हालांकि, जिला प्रशासन ने चायनीज मांझे पर पूर्णतया रोक लगा रखी है। पुलिस भी पूरी तरह से मुस्तैद है। फिर भी चोरी-छिपे इसकी बिक्री की जा रही है। कस्बे और गांवों में चायनीज मांझे की बिक्री खुलेआम होने से लोग बच्चों की जरूरत पर ले आते हैं। दुकानदार चायनीज मांझे को दुकान के आसपास छिपाकर रखते हैं। ग्राहक पर भरोसा होने पर उसे उपलब्ध करवा देते हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता भूरमल सोनी, प्रणाम सोनी द्वारा चायनीज मांझा जानलेवा और घातक है इसका प्रयोग वर्जित है जन-जागरूकता के पोस्टर्स का विमोचन संभागीय आयुक्त नीरज के पवन एवं आईजीपी ओमप्रकाश पासवान ने किया। संभागीय आयुक्त ने कहा कि चायनीज मांझा खतरनाक है इसकी चपेट में गर्दन आने पर यह तलवार का काम करता है इसलिए बचाव के लिए सतर्क रहें। आमजनता इसका प्रयोग न करें न करने दें।
आईजीपी ओमप्रकाश पासवान ने कहा कि चायनीज मांझे का उपयोग करने और बेचने वालो के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी, उन्हें जेल भेजा जाएगा। मानववध करने वाले प्लास्टिक मांझे से पतंग उड़ानें वालों की सूचना पुलिस कन्ट्रोल रूम या एरिया के थाने में करें। सामाजिक कार्यकर्ता भूरमल सोनी, प्रणाम सोनी द्वारा अभियान चलाकर आमजन व पक्षियों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाले चायनीज मांझे से होने वाली दुर्घटनाओं को पोस्टर में अंकित फोटो द्वारा जागरूक किया जाएगा। स्कूलों में विधार्थियों को चायनीज मांझे का उपयोग नहीं करने जानकारी दी जाएगी। पतंग बेचने वाले दुकानदारो को भी चायनीज मांझे की बिक्री नहीं करने की अपील की जायेगी। रविन्द्र जोशी (मिस्टर बीकाणा), राजकुमार पाण्डिया, घनश्याम स्वामी पेन्टर, सम्पतलाल तंवर ने चायनीज मांझे का इस्तेमाल नहीं करने के लोगों को जागरूक किया।
















