Saturday, April 25, 2026
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चुनाव में जाति पर जंग के बीच विश्वविद्यालय में हुआ जाति पर ऐसे मंथन…

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बीकानेर abhayindia.com। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालयबीकानेर द्वारा महर्षि शौनक भवन सभागार में राजस्थान विश्‍वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. के. एल. शर्मा ने महाराजा गंगा सिंह स्मृति व्याख्यान में कहा कि जाति शब्द को पुनर्परिभाषित करने की महत्ती आवश्यकता महसूस की जा रही है।

उन्होंने ग्रामीण भारत में जातिसामाजिक असमानता एवं गतिशीलता विषय पर बोलते हुए बताया कि साठ से सत्तर साल पूर्व ग्रामीण परिवेश में जाति व जातीय सोच वहां-वहां प्रमुखता से उपस्थित रही, जहां-जहां सामन्तवादी सोच हावी थी। अंग्रेज इस बात को अच्छी तरह जानते थे कि भारत में जाति राजनीतिक अस्तित्व रखती है एवं उस दौर में शुद्धता व अशुद्धता का सिंड्रोम’ सभी कुछ निर्धारित करता था। उन्होंने पचास साल पूर्व जयपुर के आसपास के पांच-छः गांवों के गहन अध्ययन व शोध उपरान्त प्रकाशित अपनी पुस्तक का जिक्र करते हुए उस दौर को याद किया जब चार आने में कम्‍युनिस्ट मेनिफेस्टो आता था।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में जाति व्यवस्था लुप्त होकर केवल जाति में परिवर्तित होती जा रही है जो आज राजनीतिक फलक पर प्रमुखता से परिलक्षित होती है। इससे पूर्व मां सरस्वती व महाराजा गंगा सिंह जी के चित्र पर अतिथियों द्वारा माल्यार्पण के साथ व्याख्यान प्रारम्भ हुआजिसमें स्वागत भाषण व्याख्यामाला समन्वयक प्रो. नारायण सिंह राव द्वारा दिया गया। सह-समन्वयक डॉ. मेघना शर्मा ने संयोजन करते हुए मुख्य वक्ता प्रो. के. एल. शर्मा का परिचय मंच से पढकर सुनाया।

अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. भगीरथ सिंह ने कहा कि गांव क्या है व शहर क्या हैइसकी कोई निश्चित परिभाषा अभी तक स्‍पष्‍ट नही हो पाई है। उन्होंने अपने उद्बोधन में सन्1980 के बाद से वर्तमान तक विकसित जातीय परिदृश्य पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि आज से तीस साल पूर्व तक किसानों पर कर्ज जैसी किसी चीज का वजूद ही नहीं था। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि हरीकरण व परिवर्तन भारतीय परिदृश्य में कहाँ से आया, इस विषय पर सूक्ष्म अध्ययन की वर्तमान में आवश्यकता है। धन्यवाद ज्ञापन उप कुलसचिव डा. बिट्ठल बिस्सा ने दिया। समारोह में कुलसचिव राजेन्द्र सिंह डूडीप्रो. सुरेश कुमार अग्रवालप्रो. अनिल कुमार छंगाणीप्रो. राजाराम चोयलडा. जे.एस. खीचड़डॉ. गिरिराज हर्षडॉ. प्रकाश सारणडॉ. सुरेन्द्र गोदाराडॉ. मंजू सिखवालडॉ. अनन्त जोशी, डॉ.  पंकज जैनडॉ.  रितेश व्यासडॉ.  नितिन गोयल सहित श्‍हर के गणमान्यजन एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

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